ईरान ने इजरायल के खिलाफ 12 दिन तक चले युद्ध के दौरान मिले नैतिक समर्थन के लिए भारत के लोगों और नेतृत्व का आभार जताया है. ईरानी दूतावास ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह भारत के स्वतंत्रता-प्रेमी और न्यायप्रिय लोगों, राजनीतिक दलों, सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक नेताओं, मीडिया और नागरिक समाज के सभी वर्गों के मूल्यवान समर्थन के लिए हृदय से धन्यवाद देता है.
ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान का दूतावास ईरानी राष्ट्र की जीत के अवसर पर भारत के सभी स्वतंत्रता-प्रेमी नागरिकों, राजनीतिक दलों, सांसदों, गैर-सरकारी संगठनों, धार्मिक नेताओं, मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संस्थानों को हार्दिक धन्यवाद देता है, जिन्होंने हाल के दिनों में ईरान का मजबूती से समर्थन किया.
इस बयान में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया गया है और कहा गया कि भारतीय समाज से मिले नैतिक समर्थन और एकजुटता ने ईरानी जनता को मुश्किल समय में हिम्मत दी.
युद्ध और संघर्ष की पृष्ठभूमि
ये बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और इज़रायल के बीच 13 जून से शुरू हुआ संघर्ष 24 जून को समाप्त हुआ. इस दौरान इज़रायल ने ईरान के कई परमाणु केंद्रों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. अमेरिका ने भी ईरान के Fordow, Natanz और Isfahan स्थित तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर-भेदी बमों से हमला किया था. हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से संघर्षविराम की घोषणा हुई, लेकिन उसके बाद भी कुछ घंटों तक दोनों देशों के बीच हमले जारी रहे.
भारत ने जताई थी चिंता
बता दें कि भारत सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए तनाव कम करने की अपील की थी. वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर ईरान के प्रति समर्थन व्यक्त किया था. साथ ही सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में आम भारतीयों ने ईरान के पक्ष में आवाज़ बुलंद की थी.
ईरानी दूतावास का संदेश
ईरान के दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के नागरिकों द्वारा जताया गया समर्थन, शांति प्रयासों में भागीदारी, और अन्याय के खिलाफ उठाई गई आवाज़, अंतरराष्ट्रीय न्याय और मानवाधिकारों के प्रति एक जागरूक विवेक का परिचायक है.