भारत के पश्चिमी तट पर कैमिकल टैंकर MV केम प्लूटो पर ड्रोन अटैक के बाद भारतीय नौसेना (Indian Navy) अरब सागर में सुपर एक्टिव हो गई है. हमले के बाद नौसेना ने अरब सागर में 3 युद्धपोत (Warship) तैनात किए थे और अब 4 और पेट्रोल वेसल (गश्ती जहाज) तैनात कर दिए हैं. ये गश्ती जहाज एडवांस हेलिकॉप्टर्स से लैस होंगे.
रक्षा अधिकारियों ने आज तक को बताया कि तैनात किए गए पेट्रोल वेसल एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (Exclusive Economic Zone) में संदिग्ध गतिविधयों पर नजर रख रहे हैं. इस क्षेत्र में ही एमवी केम प्लूटो पर ड्रोन अटैक हुआ था. संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर मदद के लिए नौसेना ने तटरक्षक बल के डोर्नियर समुद्री निगरानी विमानों की उड़ानों को 50 फीसदी तक बढ़ा दिया है.
हमले के 2 दिन बाद जहाज पहुंचा मुंबई
बता दें कि इजराइल-हमास संघर्ष के बीच लाल सागर और अदन की खाड़ी में ईरान समर्थित हूती आतंकियों ने कथित तौर पर कई कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया. इस बीच 23 दिसंबर को पोरबंदर से करीब 217 समुद्री मील की दूरी पर 21 भारतीय और एक वियतनामी चालक दल के सदस्यों वाले कमर्शियल जहाज MV केम प्लूटो पर ड्रोन अटैक हुआ था. हमले के बाद क्षतिग्रस्त जहाज 25 दिसंबर की दोपहर 3:30 बजे मुंबई तट पर पहुंचा था. मुंबई के रास्ते में भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस विक्रम ने उसे सुरक्षा प्रदान की थी.
ईरान पर आरोप लगा रहा अमेरिका
समुद्री जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच अमेरिका ने एमवी केम प्लूटो पर हुए हमले का आरोप ईरान पर लगाया है. अमेरिका का कहना है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है. हालांकि, ईरान ने अमेरिका के आरोपों का खंडन किया है. दरअसल, इजरायल-हमास जंग के बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोही कई बार लाल सागर समेत कई कमर्शियल समुद्री रास्तों से गुजरने वाले जहाजों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे चुके हैं.
लंबी दूरी के गश्ती विमान भी तैनात
अरब सागर में केमिकल ले जाने वाले शिप पर हुए हमले के बाद भारतीय नौसेना पहले ही तीन युद्धपोत तैनात कर चुकी है. निगरानी के लिए नौसेना के लंबी दूरी के गश्ती विमान P-8I भी तैनात किए गए हैं. वहीं, क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए युद्धपोत INS मोर्मुगाओ, INS कोच्चि और INS कोलकाता की तैनाती की गई है.