वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट बोर्गे ब्रेंडे ने शनिवार को कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है. उन्होंने कहा कि जल्द भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा. भारत न सिर्फ अपना विकास कर रहा है बल्कि दुनिया के अन्य देशों की मदद भी कर रहा है. उन्होंने भारत की तुलना 'स्नोबॉल' से की जो शुरुआत में छोटी होती है लेकिन जैसे-जैसे आगे बढ़ती है उसका आकार बड़ा होता जाता है.
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2024 में बोर्गे ब्रेंडे ने कहा, 'भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है. मैंने दावोस में कहा था कि मैं भारत में कम से कम 8 प्रतिशत की इकोनॉमिक ग्रोथ की उम्मीद करता हूं तो लोगों ने कहा कि मैं कुछ ज्यादा ही आशावादी हूं. मैंने कहा कि वे कुछ ज्यादा ही निराशावादी हैं. सिर्फ इस साल या अगले साल नहीं भारत आने वाले 25 साल में विकास करेगा.'
'10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा भारत'
उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ अपना विकास ही नहीं कर रहा बल्कि बाकी दुनिया की मदद भी कर रहा है. कई लोगों को जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल वैश्विक विकास का 15 प्रतिशत अकेले सिर्फ भारत से आया. हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले दशक में भारत 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा. हम भविष्यवाणी करते हैं कि भारत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा.'
'कई चीजें भारत के पक्ष में'
ब्रेंडे ने कहा कि जिस तरह स्नोबॉल शुरुआत में छोटी होती है लेकिन जैसे-जैसे वह घूमना शुरू करती है उसका आकार बढ़ता जाता है. आज के समय में भारत वही है. उन्होंने कहा कि 10 साल पहले भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था. आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, यह शानदार है. मुझे पूरा विश्वास है कि जी3 वास्तिवकता बनेगा क्योंकि भारत में बहुत तेजी से विकास हो रहा है. कई चीजें भारत के पक्ष में हैं. जियोपॉलिटिक्स भारत के पक्ष में है, कई कंपनियां भारत में निर्माण कर रही हैं. भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है. यहां के 75 फीसदी लोग काम करते हैं.'
'एआई का सही इस्तेमाल कर सकता है भारत'
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट ने एआई को 'असली गेमचेंजर' बताया. हमें इसका इस्तेमाल मानवता के हित में सुनिश्चित करना होगा. अगर आप कम संसाधनों से निर्माण कर सकते हैं तो आप लोगों को बेहतर भुगतान कर पाएंगे. भारत के पास मेहनती और तकनीक के जानकार लोग हैं इसलिए भारत इस नई टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि जल्द अंतरराष्ट्रीय कानूनों के आधार पर इस विवाद का हल निकलेगा.
इजरायल और गाजा के लिए भी उन्होंने सीजफायर और मानवीय सहायता की उम्मीद जताई. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के सवाल पर ब्रेंडे ने कहा कि अमेरिका की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत है लेकिन राजनीतिक रूप से वह बंटा हुआ है और चुनाव तक स्थिति ऐसी ही रहेगी.