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Shiv Sena Crisis: उद्धव के हाथ से निकलेगी कमान, शिंदे के हाथों में जाएगी 'असली' शिवसेना?

Shiv Sena Crisis: उद्धव के हाथ से निकलेगी कमान, शिंदे के हाथों में जाएगी 'असली' शिवसेना?

1995 में एनटी रामाराव की तेलुगुदेशम पार्टी में एनटीआर के खिलाफ उन्हीं के दामाद चंद्रबाबू नायडू ने बगावत की और पार्टी पर अपना कब्जा कर लिया. 2017 में जयललिता के निधन के बाद AIADMK में शशिकला के खिलाफ पनीरसेल्वम की बगावत हुई. पार्टी पर पनीरसेल्वम गुट हावी हो गया. 2021 में राम विलास पासवान की पार्टी में बेटे चिराग के खिलाफ चाचा पशुपति पारस ने बगावत करके अपना प्रभुत्व कामय किया. चिराग को अपनी पार्टी का नाम तक बदलना पड़ा. क्या ऐसे ही अब शिवसेना के बागी विधायकों को लेकर गुवाहाटी के होटल में मौजूद एकनाथ शिंदे भी कर सकते हैं? देखें ये रिपोर्ट.

In 1995, in NT Rama Rao's Telugu Desam Party, was taken over by his son-in-law Chandrababu Naidu. After Jayalalithaa's demise in 2017, Panneerselvam revolted against Sasikala in the AIADMK and took over the party. In 2021, Pashupati Paras took over Ram Vilas Paswan's party. Can this happen again with Shiv Sena? Watch this report.

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