महाराष्ट्र के कल्याण में सोमवार को बहुचर्चित 18 साल पुराने हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. राकांपा नेता वंडार पाटिल के बेटे विजय पाटिल की 2007 में हुई हत्या के मामले में कल्याण कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया, जबकि 10 अन्य को निर्दोष बताया गया.
दरअसल, इस केस में कुल 13 आरोपी थे, जिनमें शिवसेना (शिंदे गुट) के तालुका प्रमुख और पूर्व भाजपा नगरसेवक महेश पाटिल भी शामिल थे. महेश पाटिल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के करीबी माने जाते हैं. कोर्ट ने उन्हें और 9 अन्य को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया.
दूसरी ओर, विजय बाबूराव बाकाडे, साजिद हामिद शेख और सुनील रामचंद्र भोईर को कोर्ट ने हत्या का दोषी पाया है. तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अब 7 अगस्त को उनकी सजा पर फैसला सुनाया जाएगा. इस दौरान अदालत परिसर में भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया था और फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल देखने को मिला.
महेश पाटिल की बात करें तो वह पहले भाजपा से जुड़े थे, लेकिन 2021 में शिवसेना में शामिल हो गए थे. उस समय पार्टी में एकता थी और उनका प्रवेश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की उपस्थिति में हुआ था. यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति और आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. अब सबकी निगाहें 7 अगस्त पर टिकी हैं, जब दोषियों को सजा सुनाई जाएगी.