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PAK की तारीफ पर शरद पवार की सफाई- मेरे बयान को गलत समझा गया

शरद पवार ने कहा कि मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानी लोग काफी तारीफ करते हैं. साथ ही वहां के लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार और सेना अपने राजनीतिक फायदे के लिए भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चला रही है.

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते शरद पवार (फोटो- ट्विटर) कार्यकर्ताओं को संबोधित करते शरद पवार (फोटो- ट्विटर)

पाकिस्तान की प्रशंसा करने पर सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार की जमकर आलोचना हो रही है. पवार ने रविवार को अपने एक बयान में पाकिस्तान के प्रति अपना प्यार जाहिर किया था जिसे लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. लेकिन इंडिया टुडे से बातचीत में शरद पवार ने साफ किया कि उनके बयान को गलत ढंग से लिया गया और उन्होंने कहा कि मैंने कभी पाकिस्तानी सरकार की तारीफ नहीं की.

दरअसल, मुंबई के एनसीपी भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने कहा था कि उन्हें पाकिस्तान में भी खूब प्यार मिला है और वहां मुस्लिम काफी खुश हैं. उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए झूठा प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है कि पाकिस्तान में मुस्लिम सुरक्षित और खुश नहीं हैं जो कि पूरी तरह गलत है.

PAK में मिलता है प्यार

इंडिया टुडे ने पवार के इस बयान में उनसे प्रतिक्रिया ली और जानना चाहा कि आखिर उनके बयान के पीछे का इरादा क्या था. इस पर एनसीपी चीफ ने कहा, 'मैंने कभी पाकिस्तान की सरकार की तारीफ नहीं की और पाकिस्तान के मुस्लिमों को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना का तो सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा कि कई बार भारतीय क्रिकेट टीम के साथ मुझे पाकिस्तान जाने का मौका मिला और वहां मैंने स्थानीय लोगों में भारतीय टीम के प्रति सम्मान और आदर का भाव देखा.'

शरद पवार ने कहा कि मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानी लोग काफी तारीफ करते हैं. साथ ही वहां के लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार और सेना अपने राजनीतिक फायदे के लिए भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चला रही है. पवार ने आगे कहा कि पाकिस्तान की जनता को भी सच्चाई पता है कि भारत में रह रहे मुस्लिम काफी सुरक्षित और खुश हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि मैंने यह सभी इस वजह से कहा क्योंकि भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण हैं. ऐसे हालात में लोगों को एक-दूसरे मुल्का का वीजा मिलना मुश्किल हो रहा है. फिर भी जब कोई भारतीय पड़ोसी देश में जाता है तो उसे न सिर्फ वहां प्यार मिलता है बल्कि उसे परिवार के सदस्य की तरह समझा जाता है. उन्होंने आखिर में कहा कि मेरे बयान को गलत ढंग से पेश कर प्रसारित किया जा रहा है.    

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