महाराष्ट्र सरकार ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर एक पुरस्कार शुरू करने का फैसला किया है. महाराष्ट्र में राजीव गांधी पुरस्कार, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्थानों को दिया जाएगा. यह ऐसे वक्त में हो रहा है, जब केंद्र की मोदी सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार रख दिया है.
महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी और गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व पीएम राजीव गांधी के नाम पर राज्य में एक पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया गया है. यह पुरस्कार केवल सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेष काम करने वाले संस्थानों को ही मिलेगा.
हाल ही में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा. पीएम के इस फैसले पर विपक्ष के नेताओं ने केंद्र सरकार को घेरा था. विपक्ष ने इसके पीछे की मंशा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए थे.
खेल रत्न पुरस्कार से हटा राजीव गांधी का नाम, अब मेजर ध्यानचंद के नाम से दिया जाएगा अवॉर्ड
हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद बदया गया था नाम!
केंद्र सरकार ने यह कदम तब उठाया जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पद जीत लिया था. वहीं एक दिन बाद भारत की महिला हॉकी टीम, ओलंपिक पद जीतने से चूक गई थी. हालांकि महिला हॉकी टीम की देशभर में खूब तारीफ हुई थी. खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था.
शिवसेना ने जताया था ऐतराज
केंद्र सरकार की घोषणा के बाद शिवसेना ने कहा था कि राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलने की जगह, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर एक बड़े पुरस्कार की घोषणा की जा सकती थी.