Maharashtra municipal corporation election results महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद आज, आज परिणामों की घोषणा की जाएगी. सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू हो गई है और शाम तक तक यह पता चल जाएगा कि कौन इन निगमों का बॉस बनने जा रहा है. राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, कुल 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए वोटों की गिनती सुबह 10 बजे से शुरू हुई है. इन नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई (BMC), पुणे, ठाणे, नवी मुंबई और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे बड़े शहरों की है.
इस बार के चुनाव बेहद दिलचस्प हैं क्योंकि राज्य के सियासी गठबंधन पूरी तरह बदल चुके हैं. सालों की दुश्मनी भुलाकर उद्धव और राज ठाकरे अब एक साथ चुनावी मैदान में हैं. दूसरी ओर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में 'पवार बनाम पवार' की असली लड़ाई देखने को मिल रही है, जहां अजित पवार का गुट शरद पवार की एनसीपी (SP) को चुनौती दे रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए दिशा तय करेंगे.
ये भी पढ़ें: BMC Election Results 2026 Live: रुझानो में पिछड़ी उद्धव सेना, बीजेपी+ ने बनाई बढ़त, जानिए ताजा अपडेट
नागपुर में भी बीजेपी की बढ़त 50 को पार कर गई है. वहीं छत्रपति संभाजीनगर में में BJP 12 सीटों पर आगे है. यहां AIMIM और शिवसेना के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है जो 5 सीटों पर आगे, शिवसेना UBT 5 सीटों पर आगे और शिंदे शिवसेना 6 सीटों पर आगे है.इसके अलावा शरद पवार की एनसीपी और अजित पवार की एनसीपी 1 सीट पर आगे हैं.
पुणे में बीजेपी बंपर और एकतरफा बढ़त की तरफ बढ़ रही है. अभी तक बीजेपी की बढ़त 50 सीटों की हो गई है. यहां एनसीपी 14 पर आगे हैं. अभी तक कांग्रेस, यूबीटी सेना औ शिवसेना का खाता नहीं खुल सका है.
नागपुर महानगरपालिका में में बीजेपी 38 सीटों पर बड़ी बढ़त बनाए हुए है जबकि कांग्रेस 12 सीटों पर आगे है. नागपुर के ताजा रुझान इस प्रकार हैं-
भाजपा- 38
शिवसेना- 02
राष्ट्रवादी शिवसेना- 00
ठाकरे शिवसेना- 00
कांग्रेस- 12
मनसे-00
शरद पवार गुट- 00
अन्य- 00
कोल्हापुर में कांग्रेस बीजेपी से आगे निकल गई है. यहां 17 सीटों पर आगे, बीजेपी 15 सीटों पर आगे चल रही है जबकि अकोला में बीजेपी 10 सीटों पर आगे है वहीं कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है और शिवसेना UBT एक सीट पर आगे है. यहां कुल 81 नगर सेवक चुने जाने हैं.
अहिल्यानगर में बीजेपी 3 सीटों पर और अजित पवार 2 सीटों पर आगे है वही नागपुर में बीजेपी 20 और कांग्रेस 6 सीटों पर आगे चल रही है. अमरावती में बीजेपी 2 सीटों पर आगे चल रही है जबकि अकोला में बीजेपी 7 और कांग्रेस 2 सीटों पर आगे है. वहीं नांदेड़ में बीजेपी 5 और शिंदे सेना 2 सीटों पर आगे है. नागपुर में बीजेपी 13 सीटों पर आगे जबकि कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है.
अकोला - बीजेपी 7 और कांग्रेस 2 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं पुणे PMC में बीजेपी 42 सीटों पर आगे है और अजित पवार 14 सीटों पर आगे है जबकि कांग्रेस 1 वार्ड में आगे हैं. वहीं पिंपरी चिंचवाड़ में अजित पवार की NCP 9 सीटों पर आगे है जबकि बीजेपी की बढ़त 29 सीटों तक पहुंच गई है.
छत्रपति संभाजी नगर में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने बढ़त बना ली है जो 5 वार्ड में आगे चल रही है जबकि बीजेपी 4 सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस का खाता खुलना अभी बांकी है.
पिंपरी चिंचवाड़ में BJP 5 सीटों पर आगे चल रही है जबकि शिंदे शिवसेना 1 पर आगे हैं और NCP अजीत गुट 3 सीटों पर आगे चल रहा है. वहीं शरद पवार NCP 1 सीट पर आगे चल रहे हैं. जालना में BJP आगे चल रही है.
सांगली–मिरज–कुपवाड महानगरपालिका में कुल 61.30% वोटिंग हुई जो 2018 में हुए 62.17% वोटिंग से करीब 1 परसेंट कम रही है. इस बार भी सुबह के समय वोटरों में कोई खास उत्साह नहीं देखा गया था लेकिन शाम होते-होते बड़ी संख्या में वोटर पोलिंग स्टेशनों की तरफ बढ़ने लगे. दोपहर 3:30 बजे तक सिर्फ 41.79% मतदान हुआ था.
पिंपरी–चिंचवाड़ महानगरपालिका में कुल 57.71% वोटिंग हुई. दोपहर तक मतदान की रफ्तार बहुत सुस्त रही लेकिन शाम होते-होते मतदान में तेज बढ़ोतरी होने लगी. सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग से निगरानी की गई थी.
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में सबसे चौंकाने वाला सियासी उलटफेर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में देखने को मिला. राज्य में सत्ताधारी 'महायुति' का हिस्सा होने के बावजूद, डिप्टी सीएम अजित पवार ने इन दो निकायों के लिए अपने चाचा शरद पवार के साथ हाथ मिला लिया. दोनों गुटों ने न केवल मिलकर चुनाव लड़ा, बल्कि एक 'संयुक्त घोषणापत्र' भी जारी किया, जिसमें पुणे मेट्रो और बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया गया है.
पुणे महानगरपालिका में कुल 163 वार्ड हैं और इस बार कुल 52.42% वोटिंग हुई है. 2017 में पुणे में 55.56% वोटिंग हुई थी जिसमें पिछली बार की तुलना लगभग 3.5% की गिरावट दर्ज की है. कम मतदान से किसे नुकसान होगा इसकी चर्चा भी तेज और और विश्लेषक तमाम तरह से इसका आंकलन कर रहे हैं.
नाशिक महानगरपालिका में इस बार कुल 56.67 % मतदान हुआ था जबकि पिछली बार यानि 2017 में मतदान प्रतिशत 61.60% रहा था. इस बार करीब 5% की गिरावट रही थी. ऐसे में घटे मतदान का असर किस पार्टी पर पड़ेगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है.
इस चुनावी मुकाबले में सबसे प्रमुख नगर निगमों में से एक मुंबई का बीएमसी (BMC) है. इसके अलावा, जो जिन अन्य नगर निगमों के नतीजे आज घोषित होने हैं उनमें छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभनी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं.