scorecardresearch
 

महाराष्ट्र: आरे के बाद अब किसान आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेगी उद्धव सरकार

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने अब किसानों और मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस करने की तैयारी कर रही है. इससे पहले ठाकरे सरकार ने मुंंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों पर दर्ज केस वापस लेने का ऐलान किया था.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Courtesy- ANI) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Courtesy- ANI)

  • एकनाथ बोले- किसानों पर दर्ज केस वापस लेने पर हो रहा विचार
  • एनसीपी की मांग- भीमा कोरेगांव मामले में दर्ज केस हों वापस

मुंंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों पर दर्ज केस वापस लेने के बाद महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने अब किसानों और मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस करने की तैयारी कर रही है. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है.

बुधवार को मुंबई में महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बैठक में कई विकास प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई है. हम किसी भी प्रोजेक्ट पर रोक नहीं लगाएंगे. हम मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केसों को भी वापस लेने पर पुनर्विचार करेंगे. फिलहाल प्रदर्शनकारी किसानों और नानर रिफाइनरी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केसों को वापस लेने पर विचार कर रहे हैं.

एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुए केसों को वापस लेने पर विचार किया जाएगा. किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी. इससे पहले एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपियों के खिलाफ दर्ज केसों को वापस लेने की मांग की थी. उन्होंने इसको लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को खत लिखा था.

एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने अपने खत में कहा था कि फडणवीस सरकार के दौरान भीमा कोरेगांव में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों पर नक्सली होने का झूठा आरोप लगाकर केस दर्ज किए गए थे. इसके अलावा सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने महाराष्ट्र सरकार से जज लोया की मौत मामले की जांच कराने की मांग की थी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें