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महाराष्ट्र कैबिनेट : संजय राठौड़ को मंत्री बनाए जाने से नाराज हुईं BJP नेत्री, विपक्ष ने भी साधा निशाना

एकनाथ शिंदे कैबिनेट में 18 मंत्रियों ने शपथ ली. इसमें 9 बीजेपी के और 9 शिंदे गुट के विधायक शामिल हैं. संजय राठौड़ को भी मंत्री बनाया गया है. उनका नाम पुणे की एक सोशल मीडिया स्टार की आत्महत्या मामले में सामने आया था.

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संजय राठौड़ को उद्धव सरकार में बर्खास्त कर दिया गया था संजय राठौड़ को उद्धव सरकार में बर्खास्त कर दिया गया था

महाराष्ट्र में आखिरकार 39 दिनों बाद एकनाथ शिंदे कैबिनेट का विस्तार हो गया है. लंबे मंथन और इंतजार के बाद बीजेपी और शिंदे गुट में 50-50 फॉर्मूला के तहत कुल 18 मंत्रियों ने शपथ ली. इस विस्तार के साथ ही महाराष्ट्र मंत्री परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. इस दौरान शिंदे गुट के शिवसेना विधायक संजय राठौड़ ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. जिसका विरोध हो रहा है. विपक्षी पार्टियों के अलावा बीजेपी की तरफ से भी निशाना साधा गया है. 

दरअसल, महाराष्ट्र बीजेपी महासचिव और फायरब्रांड नेता चित्रा वाघ ने संजय राठौड़ को कैबिनेट में शामिल करने को लेकर सवाल उठाए हैं. चित्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर वीडियो जारी करते हुए लिखा,'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाराष्ट्र की बेटी पूजा चव्हाण की मौत का कारण बने संजय राठौड़ को फिर से मंत्री का पद दिया गया है. मैं उनके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगी.'

बीजेपी ने बनाया था राठौड़ की बर्खास्तगी का दबाव

बता दें कि उद्धव ठाकरे सरकार के समय बीजेपी ने संजय राठौड़ को कैबिनेट मंत्री के पद से बर्खास्त कराने के लिए दबाव बनाया था. पुणे की सोशल मीडिया स्टार पूजा चव्हाण की आत्महत्या मामले में उनका नाम सामने आया था. कैबिनेट से हटाए जाने के बाद बीजेपी ने इसे अघाड़ी सरकार का पहला विकट बताते हुए जश्न भी बनाया था. वहीं अब फडणवीस को कैबिनेट में शपथ लेने के बाद उनसे हाथ मिलाते देखा गया. सीएम शिंदे ने भी अपने मंत्री को क्लीन चिट दी और बचाव करते दिखे. उनका कहना है कि एमवीए सरकार के दौरान राठौड़ को क्लीन चिद दे दी गई थी.

शिवसेना ने शेयर किया किरीट सोमैया का पुराना वीडियो

उधर, शपथ लेने के तुरंत बाद शिवसेना ने किरीट सोमैया का एक पुराना वीडियो शेयर किया. जिसमें उन्होंने राठौड़ की गिरफ्तारी की मांग की थी. वहीं विपक्ष के नेता अजीत पवार ने कहा कि बेहतर होता कि जिन्हें क्लीन चिट नहीं मिली है, उन्हें शपथ ग्रहण से दूर रखा जाता.

मंत्रीमंडल में नहीं है कोई महिला विधायक

गौरतलब है कि शिंदे के नए मंत्रिमंडल विस्तार में फडणवीस सरकार पहले से ही एक भी महिला विधायक को शामिल नहीं करने के लिए आलोचनाओं का सामना कर रही है. इसके साथ ही, संजय राठौड़, जिन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है, ने नई सरकार को संकट में डाल दिया है. 

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