मुंबई में हाई टाइड को लेकर चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक मुंबई में आज हाई टाइड आने की संभावना है. इस दौरान मुंबई के समुंद्र तट पर 4.42 मीटर ऊंची पानी की लहरें उठ सकती हैं. विभाग ने प्रशासन और एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है. इसके साथ तट के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
मुंबई पुलिस समेत कई एजेंसियां इस पर नजर बनाए हुए है. इधर महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश का आनुमान जताया गया है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र सहित उत्तर-पश्चिम भारत में 20 अगस्त तक और अधिक भारी बारिश होने की आशंका है.
आईएमडी ने कहा, 'अगले 4-5 दिनों के दौरान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.'A high tide of 4.42 meters expected at 1139 hours in Mumbai today: India Meteorological Department (IMD)
— ANI (@ANI) August 18, 2020
महाराष्ट्र के सांगली में कृष्णा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. फिलहाल नदी का जलस्तर करीब 34 फीट तक आ गया है. भारी बारिश की वजह से कोयना और वारणा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. खतरे को देखते हुए 100 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.
इस बीच कुछ लोग बाढ़ के बीच नदी में सेल्फी लेते दिखे और कुछ लोग पुल पर स्टंट कर अपनी जान खतरे में डालते दिखे जिसके बाद उन्हें वहां से हटने की सलाह दी गई. प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी है. महाराष्ट्र में, सांगली में कृष्णा, वार्ना और कोयना नदियों का जल स्तर लगातार बारिश के कारण बढ़ गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इन नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है.
गुजरात में बारिश का कहर
महाराष्ट्र से सटे गुजरात बीते चार दिनों से भारी बारिश की चपेट में है. सूरत के लो लाइन इलाकों में अब भी भारी जलभराव है. यहां तमाम रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. कई दफ्तर भी पानी-पानी हो गए हैं. अब नगर निगम के सामने शहर की सफाई और पानी निकालने की मुश्किल चुनौती है.
राजकोट में मूसलाधार बारिश के बाद मोज डैम ओवरफ्लो करने लगा है. डैम के साथ दरवाजे एक फीट तक खोल दिए गए हैं. मोज नदी के किनारे बसे 15 गावों को अलर्ट किया गया है. नदी के किनारे बने रास्ते को बंद कर दिया गया है लेकिन कुछ लोग जान जोखिम में डालकर अब भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं.