महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उद्धव बार-बार हमें गद्दार कहते हैं लेकिन आप खुद महागद्दार हैं. हमने जिनके साथ चुनाव लड़ा. उन्हीं के साथ सरकार बनाई. लेकिन आपने सत्ता के लिए अपने 25 साल पुराने मित्र, विचारधारा को छोड़ दिया. आपने न केवल मतदाताओं, बल्कि अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भी पीठ में छुरा घोंपा है. सीएम शिंदे ने केकड़ा वाले बयान को लेकर उद्धव ठाकरे पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि जब शिवसेना में नारायण राणे, राज ठाकरे और मनोहर जोशी जैसे वरिष्ठ नेता ऊपर उठ रहे थे, तो उनकी टांग किसने खींची.
दरअसल, सीएम शिंदे ने कहा कि हम लोगों के लिए ग्राउंड पर काम कर रहे हैं, न कि वर्क फ्रॉम होम करके सरकार चला रहे हैं. सीएम शिंदे ने राज्य में औरंगजेब के महिमामंडन की बढ़ती घटनाओं, सोशल मीडिया पर उनके स्टेटस और कार्यक्रमों में उनकी तस्वीरें दिखाने पर भी टिप्पणी की. सीएम शिंदे ने साफ किया कि महाराष्ट्र में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. औरंगजेब कभी भी नायक (हीरो) नहीं हो सकता, बल्कि हमारे लिए सबके लिए केवल और केवल खलनायक हो सकता है.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि पिछले एक साल से हमें 'खोके' और 'गद्दार' कहा जा रहा है. अब इसे हमेशा के लिए निपटाने का समय आ गया है, जो लोग हम पर 'गद्दार' और 'खोके' होने का आरोप लगाते हैं, वही लोग पत्र लिखकर हमसे 50 करोड़ रुपय लौटाने के बारे में पूछ रहे हैं. मैंने निर्देश दिया है कि इसे वापस किया जाना चाहिए. मैं आपकी संपत्ति पर दावा नहीं करता. मेरी संपत्ति बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा है. उन्होंने कहा कि यह पता लगाने का समय आ गया है कि महाराष्ट्र का महा गद्दार कौन है.
शिंदे ने कहा कि कोविड के दौरान की गई अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और दोषियों को दंडित किया जाएगा, प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जांच कर रहा है कि पुराने ऑक्सीजन प्लांट्स का उपयोग कैसे किया गया, जिसके कारण "मरीजों की आंखें चली गईं" (फंगल संक्रमण के कारण) ) और बॉडी बैग जिसकी कीमत 300 रुपये थी, उसे 6,000 रुपये में बेचा गया.