scorecardresearch
 

शिवसेना पर फडणवीस का हमला, कहा- संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं

उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने ऐलान करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरकारी शिक्षण संस्थानों में मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण मिलेगा, इसके लिए जल्द कानून बनेगा.

Advertisement
X
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस (फाइल फोटो)

  • सरकारी शिक्षण संस्थानों में मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण
  • पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शिवसेना पर साधा निशाना

महाराष्ट्र सरकार अब सरकारी शिक्षण संस्थानों में मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण देगी. इस पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शिवसेना पर निशाना साधा है. फडणवीस ने कहा है कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है.

यह भी पढ़ें: उद्धव सरकार ने भीमा कोरेगांव और मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े 808 केस वापस लिए

उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने शुक्रवार को ऐलान करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरकारी शिक्षण संस्थानों में मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण मिलेगा. इसके लिए जल्द कानून बनेगा. हालांकि इस पर अब महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडनवीस ने हमला बोलते हुए कहा है कि आखिर शिवसेना ने किन मामलों में अपनी विचारधारा को छोड़कर समझौता किया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मुस्लिमों को उद्धव सरकार का तोहफा, सरकारी स्कूल-कॉलेज में मिलेगा 5% आरक्षण

देवेंद्र फडनवीस ने कहा, 'संविधान धर्म के आधार पर किसी भी आरक्षण का प्रावधान नहीं करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण दिया. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर मुसलमानों और अन्य को आरक्षण दिया जा सकता है. इसके बावजूद यह घोषणा की गई थी. हम शिवसेना से पूछना चाहते हैं कि सरकार का गठन कब हुआ और किन मामलों में उन्होंने अपनी विचारधारा को छोड़कर समझौता किया?'

ठाकरे कर चुके हैं आरक्षण देने की वकालत

वहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुस्लिमों को आरक्षण देने की वकालत कर चुके हैं. 2018 में उद्धव ठाकरे ने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा था, 'सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रही है, जबकि सरकार को मराठों ही नहीं, ढांगर और मुस्लिम समुदायों को भी आरक्षण देने पर विचार करना चाहिए.'

Advertisement
Advertisement