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फिल्म प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद को ड्रग केस में मिली जमानत, लेकिन जेल में ही रहेंगे

विशेष अदालत के जज जी बी गुराव ने क्षितिज प्रसाद को जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं. अदालत ने आदेश दिया है कि क्षितिज को अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा और वे अदालत से इजाजत लिए बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते.

फिल्म प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद (फाइल फोटो) फिल्म प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • NDPS एक्ट के तहत NCB ने किया था गिरफ्तार
  • 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली
  • राशि भरने के लिए प्रसाद को चार हफ्ते का समय

मुंबई में की एक स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने फिल्म प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद को जमानत दे दी. उन्हें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बॉलीवुड ड्रग नेक्सस की जांच करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था. क्षितिज प्रसाद धर्माटिक एंटरटेनमेंट के एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर रह चुके हैं जो करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन की सहयोगी कंपनी है.

हालांकि, प्रसाद अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे क्योंकि उनके खिलाफ एनसीबी ने एक और मामला दर्ज किया था. अदालत ने प्रसाद को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है. जमानत की राशि भरने के लिए अदालत ने प्रसाद को चार हफ्ते का समय दिया है.

विशेष अदालत के जज जी बी गुराव ने क्षितिज प्रसाद को जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं. अदालत ने आदेश दिया है कि क्षितिज को अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा और वे अदालत से इजाजत लिए बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते. यहां तक कि अगर प्रसाद को मुंबई से भी बाहर जाना है तो उन्हें जांच अधिकारी को सूचित करना होगा और अपनी यात्रा का ब्योरा देना होगा.

आदेश में कहा गया है कि प्रसाद को छह महीने तक जांच एजेंसी के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज ​करानी होगी. उन्हें हर महीने के पहले सोमवार को सुबह 10.00 बजे से 11.00 बजे के बीच जांच एजेंसी के कार्यालय में उपस्थित होना होगा.

गिरफ्तारी के तुरंत बाद क्षितिज प्रसाद ने अपने वकील सतीश मानेशिंदे के जरिये आरोप लगाया था कि एनसीबी अधिकारियों ने उन्हें कुछ अभिनेताओं के साथ करण जौहर और धर्मा प्रोडक्शन के दूसरे कर्मचारियों का नाम लेने के लिए दबाव डाला.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अदालत में प्रसाद की जमानत अर्जी का विरोध किया. एजेंसी ने कहा था कि प्रसाद ने एजेंसी के समक्ष जो बयान दिए उनमें उन अभिनेताओं के नामों का जिक्र नहीं है. एजेंसी ने दावा किया कि प्रसाद ने बाद में, सोच समझकर ये बयान दिए थे.

एनसीबी के अनुसार, प्रसाद की भूमिका तब सामने आई जब एक कथित ड्रग पेडलर से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने करमजीत सिंह के निर्देश पर प्रसाद के अंधेरी स्थित आवास पर उन्हें गांजा पहुंचाया था. एनसीबी के मुताबिक, करमजीत सिंह एक ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर है, जिसका नेटवर्क बॉलीवुड बिरादरी में फैला है. प्रसाद के वकील ने कहा, "वे अगले सप्ताह तक जेल से बाहर आ सकते हैं क्योंकि दूसरा केस बहुत हल्का है."

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