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'बस्तर हमला सलवा-जुडूम समर्थकों को सजा'

माओवादियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के ग्रामीण इलाकों में बैनर लगाया, जिसमें बीते 25 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेस के काफिले पर हमले को जायज ठहराते हुए कहा गया है कि यह हमला सलवा-जुडूम के समर्थकों को सजा की कार्रवाई था.

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माओवादियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के ग्रामीण इलाकों में बैनर लगाया, जिसमें बीते 25 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेस के काफिले पर हमले को जायज ठहराते हुए कहा गया है कि यह हमला सलवा-जुडूम के समर्थकों को सजा की कार्रवाई था.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की गढ़चिरौली संभाग की समिति की ओर से यह बैनर रेगदी, कासनसुर, घोट और जिले के दूसरे इलाकों में लगाए गए हैं.

इन पर लिखा हुआ है, ‘सलवा-जुडूम के समर्थकों को सजा देना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला कैसे हो सकता है.’ बैनर में आगे कहा गया है, ‘महेंद्र कर्मा और कांग्रेस के दूसरे नेताओं की मौत जनता द्वारा दी गई सजा है. यह एक स्वाभाविक न्याय है.’

गौरतलब है कि महेंद्र कर्मा नक्सल विरोधी आंदोलन सलवा-जुडूम के संस्थापक थे. बस्तर के दरभा क्षेत्र में जीरम घाटी में 25 मई को हुए नक्सली हमले में महेंद्र कर्मा, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कई लोग मारे गए थे.

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