मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक ऐसा पार्क बनाया गया है जहां घूमने का लुत्फ आम लोगों के साथ साथ दिव्यांग भी उठा सकेंगे. केंद्रीय समाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने उज्जैन के कोठी रोड पर बने इस पार्क का उद्घाटन किया है.
इस पार्क की खासियत है इसका दिव्यांगों के लिए सुविधाओं का होना. दिव्यांग भी अब इस पार्क में आसानी से घूम सकेंगे. उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से बनाये गए इस पार्क का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 'अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति अनुभूति उद्यान' रखा गया है.
इस पार्क के बनते ही इसका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है. गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक उज्जैन में बना ये पार्क सभी तरह के दिव्यांगों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और सुविधाजनक पार्क है.
इसमें दिव्यांगों के घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं. साथ ही इस पार्क में विशेष किस्म के टाइल्स लगाई गई हैं, जिससे दिव्यांग बिना किसी की मदद लिए पार्क में घूम सकते हैं. पार्क में लगातार संगीत की धुनें और पक्षियों की आवाजें गूंजेंगी. इससे लोग खुद को प्रकृति के ज्यादा करीब महसूस कर सकेंगे.
करीब ढाई हेक्टेयर में बने इस पार्क को बनाने में आठ महीने का वक़्त लगा है और इसे बनाने में सिर्फ 1 करोड़ रुपये की लागत आई है. ये पार्क उज्जैन के सबसे ज्यादा हरियाली वाले इलाके कोठी रोड पर बना है और सबसे खास बात है कि इसे बनाने में यहां लगे किसी भी पुराने पेड़ को काटा नहीं गया है.