scorecardresearch
 

अजब MP के गजब IPS, 2 घंटे में करते हैं लंच, ऑफिस से मारते हैं बंक: DGP की चिट्ठी वायरल

सोशल मीडिया में वायरल चिट्ठी में डीजीपी ने दो दर्जन के ज्यादा सीनियर आईपीएस अफसरों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 3 आईपीएस अफसर ऐसे हैं जो दफ्तर आते ही नहीं हैं. वहीं 12 आईपीएस ऐसे हैं जो लंच के लिए दफ्तर से जाने के बाद वापस ही नहीं आते हैं. इसके अलावा 29 में 14 आईपीएस अफसर तो ऐसे हैं जिन्हें लंच करने में 2 घंटे का वक्त लगता हैं.

Advertisement
X
मध्य प्रदेश पुलिस (प्रतीकात्मक फोटो, पीटीआई)
मध्य प्रदेश पुलिस (प्रतीकात्मक फोटो, पीटीआई)

  • एमपी डीजीपी की चिट्ठी वायरल
  • लंच के बाद दफ्तर नहीं लौटते अधिकारी
  • चिट्ठी में पुलिस अधिकारियों की मनमानी
मध्यप्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी की एक चिट्ठी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस चिट्ठी में उन्होंने पुलिस मुख्यालय के 29 सीनियर आईपीएस अफसरों पर सवाल उठाए हैं. सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी इस मामले में डीजीपी विवेक जौहरी का समर्थन किया है.

अजब एमपी के गजब IPS

दरअसल, सोशल मीडिया में वायरल चिट्ठी में डीजीपी ने दो दर्जन से ज्यादा सीनियर आईपीएस अफसरों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 3 आईपीएस अफसर ऐसे हैं जो दफ्तर आते ही नहीं हैं. वहीं 12 आईपीएस ऐसे हैं जो लंच के लिए दफ्तर से जाने के बाद वापस ही नहीं आते हैं. इसके अलावा 29 में 14 आईपीएस अफसर तो ऐसे हैं जिन्हें लंच करने में 2 घंटे का वक्त लगता है.

Advertisement

पुलिसकर्मियों के मनोबल पर असर

डीजीपी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि वो ऐसे अधिकारियों के नाम का जिक्र नहीं करेंगे, लेकिन उम्मीद है कि वो समझ जाएंगे और भविष्य में समय से ऑफिस में उपलब्ध होंगे. अंत में डीजीपी ने लिखा है कि सीनियर आईपीएस अफसरों के व्यवहार का प्रतिकूल असर उनके अधीनस्थ काम करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी पड़ता है.

letter_060920110419.jpg

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

सोशल मीडिया में वायरल इस चिट्ठी पर हमने डीजीपी विवेक जौहरी का पक्ष लेने की कोशिश की लेकिन कई बार कॉल करने के बाद भी उन्होंने हमारा कॉल रिसीव नहीं किया.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

उमा भारती ने किया डीजीपी का समर्थन

सोशल मीडिया में चिट्ठी वायरल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने डीजीपी विवेक जौहरी का समर्थन किया है. उमा भारती ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए लिखा कि 'मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी का वह पत्र जो सार्वजनिक हुआ है उसमें जो तथ्य हैं वह एक सच्चाई है. विवेक जौहरी जैसा ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, साहसी अधिकारी ही इस मुद्दे को उठाने की पात्रता रखता है. मेरे पास 1990 से शासन प्रदत्त सुरक्षा व्यवस्था रही है इसलिए मैं स्वयं इसकी साक्षी हूं कि सामान्य श्रेणी के पुलिसकर्मी एवं अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति जितने जागरूक एवं परिश्रमी होते हैं, उनकी तुलना में उच्च श्रेणी के पुलिस अधिकारी आलसी और लापरवाह होने लग जाते हैं.'

Advertisement

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

उमा भारती ने कहा है कि इसमें कुछ अपवाद भी होते हैं जो उच्च पदों पर रह के भी उतने ही सतर्क और परिश्रमी रहते हैं जितने कि वह अपने सर्विस काल के आरंभ में थे. विवेक जौहरी स्वयं इसके उदाहरण हैं.

पूर्व सीएम ने की कार्रवाई की मांग

राज्य की पूर्व सीएम उमा ने कहा है कि अब इस मसले पर हमारे राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और स्वयं विवेक जौहरी निर्णय लें एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चापलूसी, राजनीतिक दलों के परिवर्तन के साथ पक्षपात एवं प्रमाद से बचें.

बीजेपी नेता उमा भारती ने कहा कि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था बहुत दुरुस्त रहेगी. उमा भारती ने कहा, "मैं विवेक जौहरी जी का पूर्ण समर्थन करते हुए शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा और विवेक जौहरी से अनुरोध करती हूं कि वे भारत में मध्य प्रदेश को कानून-व्यवस्था के मसले में मॉडल स्टेट बनाकर दिखाएं."

Advertisement
Advertisement