कोरोना वायरस के कारण देश में लॉकडाउन लागू है. तीसरी बार लॉकडाउन की अवधि को सरकार ने 17 मई तक बढ़ा दिया है. लॉकडाउन के कारण अलग-अलग प्रदेशों के मजदूर विभिन्न शहरों में फंस गए थे. मध्य प्रदेश के श्रमिक भी बड़ी तादाद में इधर-उधर फंसे हुए थे. अब गृह मंत्रालय की ओर से इनकी वापसी और इसके लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति मिलने के बाद प्रवासी मजदूरों के अपने गृह राज्य लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है.
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मध्य प्रदेश के 347 प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र से लौट आए हैं. इन श्रमिकों को लेकर शुक्रवार की शाम को नासिक से चली विशेष ट्रेन शनिवार को तड़के भोपाल पहुंची. इस ट्रेन में 28 जिलों के मजदूर सवार थे. ट्रेन के भोपाल पहुंचने के बाद रेलवे स्टेशन पर मजदूरों की स्क्रीनिंग हुई. भोपाल रेलवे स्टेशन से घर भेजने के लिए 20 बसों की व्यवस्था की गई थी. भोपाल पहुंचे प्रवासियों ने सरकार का धन्यवाद किया और अपनों के बीच पहुंचने पर खुशी जताई.
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इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया. प्लेटफॉर्म पर गोले बनाए गए थे, जिसमें बैठकर श्रमिक स्क्रीनिंग के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे. आजतक से बात करते हुए भिंड के रहने वाले राम प्रसाद ने बताया कि वे कल्याण में एक दुकान पर काम करते थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते दुकान बंद होने के बाद उसके पास कोई काम नहीं था. रोजगार बंद हो जाने के बाद परेशान होकर वह पैदल ही घर के लिए निकल पड़े थे.
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उन्होंने बताया कि नासिक में पुलिस ने रोक लिया और तब से वह वहीं थे. अब, जब नासिक से भोपाल के लिए ट्रेन चली तब उन्हें भेजा गया. राम प्रसाद की ही तरह अन्य प्रवासियों ने भी सरकार का धन्यवाद किया. बसों में प्रवासियों को भोजन के पैकेट के साथ ही फल और पानी की बोतलें भी दी गईं. गौरतलब है कि लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे लगभग एक लाख प्रवासी मजदूरों को विशेष ट्रेन से लाया जाना है.