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जिंदा लड़की की हत्या के आरोप में रांची पुलिस ने बर्बाद कर दी तीन छात्रों की जिंदगी

इस देश की पुलिस जब चाहे किसी भी निर्दोष को मार सकती है, जेल भेज सकती है और तहकीकात के नाम पर युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर सकती है. रांची पुलिस की लापरवाही का एक शर्मनाक सामने आया है. इसके चलते तीन छात्रों को अपनी जिंदगी का बेशकीमती वक्त जेल में काटना पड़ा.

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इस देश की पुलिस जब चाहे किसी भी निर्दोष को मार सकती है, जेल भेज सकती है और तहकीकात के नाम पर युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर सकती है. रांची पुलिस की लापरवाही का एक शर्मनाक सामने आया है. इसके चलते तीन छात्रों को अपनी जिंदगी का बेशकीमती वक्त जेल में काटना पड़ा.

दरअसल, तीन महीने पहले पुलिस ने एक लड़की से बलात्कार और फिर हत्या के जुर्म में तीन छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन वो लड़की जिन्दा निकली. स्थानीय लोगों ने उस लड़की को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है. ऐसे में अब रांची पुलिस की जांच पर सवाल खड़े हो गए है.

पुलिस फाइल में जिस लड़की को मरा हुआ बताया गया है, मां बाप ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया. लड़की की हत्या के जुर्म में तीन छात्र जेल में है. ऐसे में अब पुलिस की जांच पर सवाल खड़े हो गए है कि किस साजिश के तहत छात्रों को फंसाया गया.

तीन महीने पहले रांची के बुंडू इलाके में एक अधजली लाश पुलिस ने बरामद की थी, फिर उसकी शिनाख्त रांची के चुटिया इलाके में रहने वाली प्रीति के तौर पर की गई. उसके पिता ने चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया. पुलिस छानबीन में जुटी और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. बकौल पुलिस गिरफ्तार सभी युवकों ने जुर्म भी कबूल कर लिया.

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तीनों युवकों के इकबालिया बयान पर पुलिस ने सबूत के तौर पर लड़की का दुपट्टा और जूती भी बरामद कर लिया. इसके बाद तीनों युवकों को अभियुक्त बनाते हुए अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया. हालांकि इस दौरान इन तीनों के पिता अपने-अपने बेटों को बेकसूर बताते रहे और महीनों अधिकारियों के दरवाजे पर चक्कर काटते रहे. लेकिन कहीं भी इनकी फरियाद नहीं सुनी गई.

दो दिन पहले पुलिस फाइल में मृत प्रीति अचानक स्थानीय लोगों को बाजार में दिख गई. जिसके बाद लोगों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. प्रीति की गिरफ्तारी के साथ ही आधी-अधूरी पुलिसिया जांच की पोल-पट्टी भी खुलने लगी, और इसी के साथ पूरी जांच पर सवाल खड़े हो गए. रांची के डीआईजी का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों को बक्सा नहीं जायेगा.

गौरतलब है की प्रीति हत्या कांड की जाँच में बुंडू DSP, बुंडू थानेदार और रांची के धुर्वा थाने के इंस्पेक्टर ने अहम भूमिका निभाई है. वैसे पुलिस के सामने लड़की ने बताया की उसने तीनों लड़कों की गिरफ्तारी के 15 दिन बाद ही अपने पिता को फोन कर बता दिया था कि वो जिन्दा है, फिर भी उसके पिता ने यह बात पुलिस से क्यों छिपाई. वैसे यह रहस्य अब भी बना हुआ है कि अगर प्रीति जिन्दा है तो वो मृत लड़की कौन थी, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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