स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए झारखंड सरकार ने एक अनूठी पहल की है. अब शहर और मोहल्लों को साफ-सुथरा बनाने के लिए झारखंड सरकार ने झारखंड शहरी स्वच्छता पुरस्कार योजना की शुरूआत की है. जिसके तहत सूबे के सबसे स्वच्छ शहर को दो करोड़ रुपए का प्रथम पुरस्कार और सबसे स्वच्छ वार्ड को दो लाख रुपए का प्रथम पुरस्कार, दूसरे स्थान पर रहने वाले शहर को एक करोड़ और वार्ड को 1.50 लाख, तृतीय स्थान पर रहने वाले शहर को 50 लाख और वार्ड को एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा. इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार के रूप में स्वच्छ शहर को 25 लाख और स्वच्छ वार्ड को 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा.
एक महीने की है समयावधि
योजना के तहत स्वच्छ शहर या वार्ड की दावेदारी 31 जनवरी तक की जा सकती है. इसके लिए संबंधित नगर निकाय के नगर आयुक्त या सीईओ को अपनी दावेदारी स्वयं करनी होगी. उसी तरह स्वच्छ वार्ड के लिए संबंधित वार्ड के पार्षद अपने निकाय के
माध्यम से दावेदारी करेंगे जबकि नगर निकाय और वार्ड के प्रतिनिधियों को स्वच्छता की दावेदारी शहरी विकास अभिकरण में करना होगा. इस कार्यक्रम के तहत कुल साढ़े तेरह करोड़ के खर्च का अनुमान है, जिसे सरकार ने जारी कर दिया है.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत राज्य सरकार ने 2017 तक पूरे सूबे को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया है.