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कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बागवानी, ट्रेन से बदलेगी सूरत? सेब-चेरी को मिलेगी रफ्तार

कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बागवानी, ट्रेन से बदलेगी सूरत? सेब-चेरी को मिलेगी रफ्तार

कश्मीर में बागवानी क्षेत्र, जो सालाना 10-12 हज़ार करोड़ रुपये का है और जिसे घाटी की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ माना जाता है, नई रेल कनेक्टिविटी से बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहा है. वर्तमान में फल उत्पादकों को राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से नुकसान होता है; पारिमपुरा फ्रूट मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष बशीर साहब ने कहा, 'जब ट्रेन शुरू हो जाए कश्मीर से डाइरेक्टली तो हमें बहुत बेनिफिट मिलेगा'.

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