इसी महीने शुरू हुई अमरनाथ यात्रा इस वक्त अपने ज़ोरों पर चल रही है. हजारों श्रद्धालु रोजाना बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे हैं. श्रद्धालु पहाड़ की चढ़ाई कर बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं, तो वहीं अगर रास्ते में उन्हें कोई दिक्कत आ रही है तो सुरक्षाबल उनकी सुरक्षा में तैनात खड़े हैं. ऐसी ही कुछ तस्वीरें मंगलवार को सामने आईं, जब बालटाल रूट पर श्रद्धालु रास्ता पार कर रहे थे तो ऊपर से पत्थर गिर रहे थे. लेकिन भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवान ढाल बनकर उनके सामने खड़े हो गए.
बालटाल रूट पर काली माता प्वाइंट के पास ऊंची पहाड़ी वाला इलाका है, जहां से श्रद्धालुओं को गुजरना पड़ता है. इसी रूट पर जब ऊपर पहाड़ी से पानी और पत्थर गिरने लगे तो ITBP के जवान ढाल बनकर खड़े हो गए, ताकि किसी श्रद्धालु को चोट ना लग सके.
Jammu & Kashmir: Indo-Tibetan Border Police (ITBP) personnel continue to brave shooting stones, placing shield wall to ensure safety of pilgrims near Kali Mata point on Baltal route.
— ANI (@ANI)
ना सिर्फ ढाल बनना बल्कि सुरक्षाबल लोगों की हर मोर्चे पर मदद कर रहे हैं. बीते कुछ दिनों में ऐसी कई तस्वीरें सामने आ गई हैं, जहां श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ हुई तो जवानों ने ऑक्सीजन देने में मदद की. या फिर अगर कोई महिला या बुजुर्ग चलने में असमर्थ महसूस करता तो जवान अपने कंधे पर उठा कर उन्हें ले जाते.

बता दें कि पिछले सात दिनों में 95,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ यात्रा की है. हालांकि, कानून और व्यवस्था की स्थिति के कारण सोमवार को तीर्थयात्रियों के किसी भी नए जत्थे को यहां से जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. अलगाववादियों ने हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की बरसी के मौके पर सोमवार को बंद का आह्वान किया था.
एक जुलाई को अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 95,923 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. 45 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ संपन्न होगी. पवित्र गुफा कश्मीर के हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.