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जम्मू में 7 दिन के लिए ब्रॉडबैंड और 2G मोबाइल इंटरनेट सेवा हुई बहाल

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार की शाम जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने की इजाजत दे दी है. जिसके बाद आज मकर संक्रांति के मौके पर जम्मू रीजन के कई जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है.

सात दिनों तक जारी रहेगा यह आदेश (फाइल फोटो: PTI) सात दिनों तक जारी रहेगा यह आदेश (फाइल फोटो: PTI)

  • जम्मू रीजन में 7 दिन के लिए 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा की गई बहाल
  • जम्मू, सांबा, कठुआ, ऊधमपुर और रियासी में 2जी सेवा की गई है बहाल

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार की शाम जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने की इजाजत दे दी है. जिसके बाद आज मकर संक्रांति के मौके पर जम्मू रीजन के कई जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. इसके साथ ही उन इलाकों में होटलों, यात्रा प्रतिष्ठानों और अस्पतालों समेत जरूरी सेवाएं प्रदान करने वाले सभी संस्थानों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा बहाल करने की अनुमति भी दे दी गई है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को केंद्र शासित प्रदेश में लगे प्रतिबंधों की समीक्षा करने का आदेश दिया था.

आज से लागू हुआ आदेश

एक सरकारी बयान में कहा गया कि यह आदेश 15 जनवरी यानी आज से लागू होगा और सात दिनों तक जारी रहेगा. अपने तीन पेज के आदेश में प्रशासन ने कहा कि कश्मीर संभाग में अतिरिक्त 400 इंटरनेट कियोस्क स्थापित किए जाएंगे. इंटरनेट सेवा प्रदाता आवश्यक सेवाओं वाले सभी संस्थानों, अस्पतालों, बैंकों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में ब्रॉडबैंड सुविधा (मैक बाइंडिंग के साथ) उपलब्ध कराएंगे.

इन जिलों में मोबाइल इंटरनेट भी हुआ शुरू

पर्यटन की सुविधा के लिए, ब्रॉडबैंड इंटरनेट होटलों और यात्रा प्रतिष्ठानों को प्रदान किया जाएगा. आदेश में यह भी कहा गया है कि जम्मू क्षेत्र के जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी में ई-बैंकिंग सहित सुरक्षित वेबसाइट देखने के लिए पोस्ट-पेड मोबाइलों पर 2जी मोबाइल कनेक्टिविटी की अनुमति दी जाएगी.

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सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट सेवा बहाल करने को कहा था

जम्मू-कश्मीर में लगाए प्रतिबंधों को लेकर पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेट का अधिकार, अभिव्यक्ति के अधिकार के तहत आता है और यह भी मूलभूत अधिकार हैं. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाली सभी संस्थाओं में इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने के लिए कहा था.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट के निलंबन की समीक्षा तुरंत करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि इस तरह का इंटरनेट सस्पेंशन सीमित समय अवधि के लिए किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार को एक सप्ताह के भीतर सभी प्रतिबंधित आदेशों की समीक्षा करने का निर्देश दिया था. जिसके बाद अब सरकार ने जम्मू कश्मीर के कुछ जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट और संस्थानों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू करने का फैसला लिया है.

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