पाकिस्तान में रह रहे आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के मुखिया सैयद सलाहुद्दीन और उसके बेटे की संपत्तियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कुर्क कर लिया है. जम्मू कश्मीर के बडगाम में स्थित इन संपत्तियों की कुर्की को लेकर एनआईए ने वहां एक बोर्ड भी लगा दिया है. नोटिस में लिखा गया है कि नरसिंह गढ़, मोहल्ला राम बाग, श्रीनगर में स्थित सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद अहमद शकील की संपत्तियों को अटैच कर लिया गया है. सैयद घोषित आतंकवादी है और उसके खिलाफ एनआईए ने यह कार्रवाई यूएपीए एक्ट के तहत की है.
आपको बता दें कि सैयद सलाहुद्दीन को पाकिस्तान ने पनाह दी है और वह कई बार भारत के खिलाफ जगह उगलता हुआ नजर आ चुका है. फरवरी माह के दौरान पाकिस्तान में मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के लॉन्चिंग कमांडर बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम के जनाजे में भी सलाहुद्दीन खुलेआम शामिल हुआ. पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के रहने वाले आतंकी बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम की पाकिस्तान में अज्ञात हमलावर ने गोलीबारी कर हत्या कर दी.
अगस्त 2022 में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंक के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया था जिसकी चोट सलाहुद्दीन पर भी पड़ी थी. उन्होंने टेरर ईकोसिस्टम (आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र) में संलिप्त पाए जाने पर बिट्टा कराटे की पत्नी, सैयद सलाहुद्दीन के बेटे समेत चार सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था इन पर आतंकियों से संबंध रखने के आरोप हैं.
सैयद सलाहुद्दीन का असली नाम सैयद मोहम्मद युसूफ शाह. वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का मुखिया है जो कश्मीर में आतंकी वारदातों को अंजाम देता है और सीमापार से आतंकी भेजता है.हिजबुल से पहले वह एंटी-इंडिया आतंकी समूह जिहाद काउंसिल का अध्यक्ष रह चुका है. 2017 में सलाहुद्दीन को अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने विशेष नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था.