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लियो पारगिल पर आईटीबीपी ने लहराया तिरंगा, 22 हजार फीट ऊंची चोटी की फतह

आईटीबीपी पर्वतारोही दल में हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप नेगी भी शामिल थे, जिन्होंने दूसरी बार चोटी फतेह की है. प्रदीप इससे पहले भी दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत- माउंट एवरेस्ट पर दो बार चढ़ चुके हैं.

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लियो पारगिल की चोटी को किया फतह
लियो पारगिल की चोटी को किया फतह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लियो पारगिल पर आईटीबीपी ने लहराया तिरंगा
  • 22,222 फीट ऊंची है लियो पारगिल चोटी
  • 16 सदस्यीय टीम के कुल 12 सदस्य चोटी पर चढ़े

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. हिमाचल प्रदेश में आईटीबीपी के जवानों ने 22,222 फुट की ऊंचाई पर स्थित लियो पारगिल की चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया है. 

लियो पारगिल की चोटी हिमाचल प्रदेश की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है. 31 अगस्त 2020 को किया यह कोरोना काल का पहला माउंट एक्पीडिशन था, जिसे आईटीबीपी के जवानों ने अंजाम दिया. सेक्टर हेड क्वॉर्टर आईटीबीपी शिमला से आईटीबीपी की 16 सदस्यीय टीम के कुल 12 सदस्य सफलतापूर्वक चोटी पर चढ़ गए. इस बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान के लीडर डिप्टी कमांडेंट कुलदीप सिंह थे और डिप्टी कमांडेंट धर्मेंद्र इस अभियान के डिप्टी लीडर थे.

आईटीबीपी पर्वतारोही दल में हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप नेगी भी शामिल थे, जिन्होंने दूसरी बार चोटी फतेह की है. प्रदीप इससे पहले भी दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत- माउंट एवरेस्ट पर दो बार चढ़ चुके हैं. लियो पारगिल चोटी को भारत की सबसे कठिन और तकनीकी चोटी में से एक माना जाता है. हालांकि इस टीम के सदस्यों ने पूरी ट्रैनिंग ली और कोरोना संकट के दौरान मौजूद बाधाओं का भी निरीक्षण किया.

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कम ऑक्सीजन

बता दें कि यह बर्फ से ढकी हुई कठिन चोटी हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ लाहौल स्पीति जिले में स्थित है. इस सुदूर हिमालयन में कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और अत्यधिक ऊंचाई मौजूद है. आईटीबीपी को सबसे योग्य और कठिन बल के रूप में माना जाता है क्योंकि यह अत्यधिक ठंड वाले ऊंचाई वाले इलाकों और जलवायु परिस्थितियों में काम कर रहा है.


 

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