कोरोना संकट को देखते हुए सभी सरकारों ने कमर कस ली है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को प्रदेश में कोरोना के हालात का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से आ रहे लोगों को प्रदेश में घुसने के लिए 72 घंटे पहले तक की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट (आरटी-पीसीआर ) साथ लेकर चलना होगा. यह नियम 16 अप्रैल से लागू हो रहा है. यानी कि 16 अप्रैल से इन राज्यों से हिमाचल आ रहे लोगों के लिए आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर चलना आवश्यक होगा. वो भी 72 घंटे से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए.
यह फैसला रविवार को आयोजित हिमाचल मंत्रिमंडल की एक बैठक में लिया गया. 16 अप्रैल से हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों को अब निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही राज्य में प्रवेश की इजाजत होगी. इसके साथ ही राज्य सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को भी कोरोना मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है.
आरटी-पीसीआर जांच पर फोकसः CM
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में अचानक आई तेजी के कारण उभरी स्थिति से निपटने के नजरिये से लिया गया है. उन्होंने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी की गई सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं तथा दिशा-निर्देशों को कड़ाई से लागू किया जाएगा. ताकि वायरस को नियंत्रित किया जा सके.
माइक्रो कंटेनमेंट जोन की प्रभावी निगरानी के साथ जांच, ट्रेसिंग तथा उपचार की दोहरी रणनीति पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटी-पीसीआर जांच के 70 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच पर भी अधिक बल दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीन के न्यूनतम खर्च को भी सुनिश्चित करना चाहिए. वायरस का तेजी से फैलना बेहद चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गत 45 दिनों के दौरान 10,690 कोविड के मामले रिपोर्ट किए गए हैं. इसके अतिरिक्त कोरोना के कारण मृत्यु के मामले भी बढ़े हैं जिसमें गत 45 दिनों के दौरान प्रदेश में 120 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है.
लंगर और भंडारे पर प्रतिबंध
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को प्रदेश में विभिन्न मंदिरों के भ्रमण पर आने की अनुमति प्रदान की है लेकिन इसके साथ ही लंगर, भंडारे तथा जागरण के आयोजन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए तथा फेस मास्क पहनकर पूजा एवं दर्शन करने के लिए मंदिरों में अनुमति प्रदान की है. उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन को राज्य सरकार द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करना होगा.
उन्होंने कहा कि बसों और अन्य सार्वजनिक यातायात माध्यमों और निजी वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी. वाहनों में भी फेस मास्क पहनना कड़ाई से सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विवाह जैसे सामाजिक समारोह के आयोजन से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं का भी कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के उल्लंघन में शामिल लोगों के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. लोगों की लापरवाही के परिणामस्वरूप राज्य में कोविड के मामलों में तेजी आई है. उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. जैसे ही लोगों में कोई लक्षण पाया जाता है तो उन्हें तुरन्त जांच के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें बिना विलम्ब के उपचार प्रदान किया जा सके.
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष कोरोना पॉजिटिव
जयराम ठाकुर ने कहा कि सूचना, शिक्षा एवं लोगों को जागरूक किए जाने पर विशेष बल देकर फेस मास्क के उपयोग, सामाजिक दूरी तथा किसी भी प्रकार के जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर चिकित्सक को दिखाना शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को अनावश्यक सार्वजनिक स्थलों पर जाने तथा कार्यालयों में भी सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए.
इधर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. उन्हें आश्रम में ही आइसोलेशन में रखा गया है. रविवार को शाही स्नान से पहले हरिद्वार में हर की पैड़ी पर नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई दी. हर की पैड़ी पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है. इतना ही नहीं यहां मौजूद लोगों में से ज्यादातार के चेहरों पर से मास्क गायब हैं. सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.