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ग्राउंड रिपोर्टः हरियाणा की सड़कें खस्ताहाल, वाहन चलाना हुआ मुश्किल

पंचकूला में एक स्कूल के छात्र फरदीन ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि एक दिन स्कूल से लौटते वक्त साइकिल गड्ढे में फिसल गई और मैं गिर गया था. स्कूल से लौटते समय छात्र आयुष भी सड़क में बने गड्ढे में गिर चुके हैं.

सड़क में गड्ढे बन रहे हादसों का कारण सड़क में गड्ढे बन रहे हादसों का कारण

  • उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद हरियाणा में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं
  • आजतक की टीम ने पंचकूला पहुंचकर देखा खस्ताहाल सड़कों की हकीकत

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद हरियाणा देश का तीसरा ऐसा राज्य है, जहां पर सड़कों के गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं. साल 2018 में हरियाणा की सड़कों में बने गड्ढों की वजह से 222 लोगों की जान चली गई. लिहाजा हरियाणा सरकार ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अनूठी मुहिम चलाई है. इसके तहत अगर शिकायत मिलने के बावजूद सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जाते हैं, तो शिकायतकर्ता को मुआवजा दिया जाएगा.

इन सबके बावजूद हरियाणा की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं. राज्य की खस्ताहाल सड़कों का जायजा लेने के लिए आजतक की टीम हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ से सटे पंचकूला के कई इलाकों में पहुंची. इस दौरान पंचकूला के सेक्टर-17 की सड़क में इतने बड़े गड्ढे मिले कि दोपहिया वाहन और यहां तक कि कार चलाना भी मुश्किल है.

पंचकूला में एक स्कूल के छात्र फरदीन ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि किस तरह स्कूल से लौटते वक्त उनकी साइकिल गड्ढे में फिसल कर गिर गई. स्कूल से लौटते समय छात्र आयुष भी सड़क में बने गड्ढे में गिर चुके हैं. उन्होंने भी अपनी आपबीती आजतक टीम को सुनाई.

अब राज्य सरकार ने सड़कों को जानलेवा गड्ढों से छुटकारा दिलाने के लिए एक अनूठी पहल की है. खराब सड़कों की शिकायतें दूर करने के लिए अब सरकार ने आम नागरिकों से सहयोग मांगा है. आम नागरिक अपने इलाके की खराब सड़क की तस्वीर सोशल मीडिया जैसे ट्विटर, फेसबुक या फिर हरियाणा सरकार की हरपथ मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपलोड कर सकते हैं.

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के मुताबिक प्रदेश सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए जेटपंचिंग मशीनें खरीदी गई हैं. राज्य को पांच जोनों में बांटा गया है, ताकि सड़कों की मरम्मत प्रभावी तरीके से की जा सके.

हालांकि हरियाणा सरकार की योजना विपक्ष के गले नहीं उतर रही हैं. सूबे की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस की विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री गीता भुक्कल ने सरकार को सलाह दी कि अगर सरकार सचमुच सड़कों को गड्ढा दूर करना चाहती हैं, तो सबसे पहले वह भ्रष्टाचार कम करे और सड़कों के टेंडर जारी करते वक्त सड़क के रखरखाव के लिए संबंधित ठेकेदार की जिम्मेवारी तय करे.

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वैसे राज्य सरकार ने सड़क संबंधी शिकायतें दर्ज करने के लिए दो साल पहले 'हरपथ' नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया था, लेकिन उससे सड़कों की हालत नहीं सुधरी. ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है. इसलिए अब सरकार ने पहली बार शिकायतकर्ताओं को मुआवजा देने का ऐलान किया है.

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इसके जरिए पहली बार ठेकेदारों की जिम्मेवारी तय की गई है. सड़क में बने गड्ढे नजरअंदाज करने वाले ठेकेदारों को अब जुर्माना भरना होगा. देखना दिलचस्प होगा कि क्या इससे राज्य की सड़कों से गड्ढे गायब होंगे या नहीं.

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