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चंडीगढ़ केस: पुलिस का राजनीतिक दबाव से इनकार, कहा-जरूरत पड़ने पर जोड़ी जाएगी धारा

ये घटना उस वक्त हुई जब पीड़ित युवती देर रात करीब 12.35 बजे सेक्टर 9 से पंचकुला की तरफ जा रही थी. आरोप है कि टाटा सफारी में मौजूद दो युवकों ने सेक्टर 26 के मार्केट एरिया से पीछा करना शुरू किया. लड़की ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कई उसकी कार को रोकने की कोशिश की और दूसरे किसी रास्ते पर जाने को मजबूर किया.

खट्टर सरकार से इंसाफ की मांग खट्टर सरकार से इंसाफ की मांग

चंडीगढ़ में बीजेपी नेता और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा एक लड़की से की गई छेड़खानी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पुलिस की भूमिका पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं. जिसके बाद सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस ने मामले पर सफाई दी.

चंडीगढ़ के एसएसपी ईश सिंघल ने बताया कि अभी मामले की तहकीकात की जा रही है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास रोड पर मौजूद हर सीसीटीवी फुटेज को तलाशा जा रहा है.

कोई राजनीतिक दबाव नहीं

एसएसपी ने मामले में किसी तरह के राजनीतिक दबाव की बात से इनकार किया. अपने बचाव में उन्होंने दलील दी कि अगर राजनीतिक दबाव होता तो घटना की रात ही एफआईआर दर्ज कैसे हो गई. उन्होंने ये भी कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया.

एसएसपी ने ये भी कहा कि हर केस अलग होता है, उससे किसी दूसरे केस की तुलना नहीं की जा सकती है. वो बोले कि अगर किसी अतिरिक्त धारी की जरूरत पड़ेगी, तो जरूर लगाई जाएगी. एसएसपी ने कहा कि हम पीड़ित की हर मुमकिन मदद के लिए तैयार हैं.

गौरतलब है कि शुक्रवार की रात एक लड़की ने चंडीगढ़ पुलिस को अपने साथ छेड़खानी और किडनैपिंग की कोशिश की शिकायत की थी. इसके बाद जैसे-जैसे इस मामले की खबरें मीडिया में आने लगीं देश भर में राजनीतिक बयानों की बाढ़ सी आ गई. मामला बीजेपी नेता से जुड़े होने और राज्य में पार्टी की सत्ता होने के चलते विरोधी दल और अधिक हमलावर हैं. तो वहीं बीजेपी में भी तमाम लोग हैं जो इस घटना की खुले आम भर्त्सना कर रहे हैं.

हालांकि, अब बीजेपी ने सुभाष बराला के इस्तीफे पर अपना रुख साफ कर दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने ट्वीट कर बताया कि सुभाष बराला का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इस घटना की निंदा की है. ठाकुर ने कहा है कि लड़की पर सवाल उठाना गलत है, इसमें लड़कों पर सवाल उठने चाहिए.

शुक्रवार रात की घटना

ये घटना उस वक्त हुई जब पीड़ित युवती देर रात करीब 12.35 बजे सेक्टर 9 से पंचकुला की तरफ जा रही थी. आरोप है कि टाटा सफारी में मौजूद दो युवकों ने सेक्टर 26 के मार्केट एरिया से पीछा करना शुरू किया. लड़की ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कई उसकी कार को रोकने की कोशिश की और दूसरे किसी रास्ते पर जाने को मजबूर किया. घटना के वक्त विकास बराला के साथ उसका दोस्त आशीष कुमार भी मौजूद था.

शनिवार को गिरफ्तारी और जमानत

हरियाणा के बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास और उसके दोस्त के खिलाफ पुलिस ने छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया. पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. जिसके बाद विकास को जमानत मिल गई. इस बारे में पुलिस उपाधीक्षक (पूर्वी) सतीश कुमार ने शनिवार को बताया था कि दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354डी के तहत मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, बाद में उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 341 भी लगा दी गई.

लड़की का मैसेज वायरल

पीड़ित लड़की एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की बेटी बताई जा रही है. उसने अपनी आपबीती फेसबुक पर भी अपलोड की थी. लड़की का वह मैसेज तेजी से परे देश में वायरल हुआ.

पुलिस ने बदलीं धाराएं

इस मामले में पुलिस ने शाम होते-होते अपनी जांच के आधार पर आरोपियों पर लगी धाराएं बदल दीं. आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पहले आईपीसी की धारा 354 डी और मोटर व्हिकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन कुछ ही घंटों में मामले में धारा 341, 365 और 511 को जोड़ दिया गया. तीसरी बार सिर्फ धारा 341 को ही जोड़ा गया. बाद में डीएसपी ईस्ट सतीश कुमार ने की इस मामले में बताया कि फिलहाल 365 और 511 धारा नहीं लगाई जा रही हैं और इसके लिए कानूनी राय ली जाएगी.

विरोधी दलों ने साधा निशाना

इस पूरे मामले को लेकर विरोधी दलों खासकर कांग्रेस ने बयानबाजी तेज की. कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने चंडीगढ़ में लड़की से बदसलूकी और पीछा करने के मामले में भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्‍होंने घटना की आलोचना करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा. साथ ही कहा कि दोषियों के साथ सांठगांठ मत कीजिए. राहुल गांधी के टि्वटर अकाउंट से लिखा गया है, 'चंडीगढ़ में एक युवती के अपहरण का प्रयास और छेड़छाड़ की आलोचना करता हूं. बीजेपी सरकार को दोषियों को सजा देनी चाहिए. दोषियों ओर उनकी मानसिकता से सांठ-गांठ मत कीजिए.'

गायब मिला सीसीटीवी फुटेज

चंडीगढ़ पुलिस अपनी जांच में इस केस से जुड़ा सबसे अहम सुराग भी सामने ना ला सकी. चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि 9 जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों में से 5 सीसीटीवी कैमरे खराब थे और बाकी चार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कोई खास बात रिकॉर्ड नहीं हुई है. माना जा रहा था कि अगर सीसीटीवी फुटेज सामने आती है तो बराला के बेटे को अपनी करतूत पर कोर्ट से सजा मिलना तय था. इस बात के चलते चंडीगढ़ पुलिस की काफी किरकिरी हुई.

कांग्रेस ने सोमवार को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए बीजेपी पर आरोप लगाया कि चंडीगढ़ प्रशासन पर सुभाष बरला के बेटे को बचाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "यह साफ हो गया है कि बीजेपी हरियाणा चीफ के बेटे को बचाने की कोशिश कर रही है. अब एक नई चीज यह सामने आई है कि जिस रास्ते में घटना हुई उस रास्ते का 5 सीसीटीवी कैमरा खराब था. उस रास्ते का 5 सीसीटीवी कैमरा अचानक कैसे खराब हो गया? यह सब हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष के बेटे को बचाने के लिए किया जा रहा है."

सुभाष बराला को सीएम खट्टर का साथ

वहीं इस मामले पर हरियाणा के सीएम खट्टर ने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष के सपोर्ट में बयान दे दिया है. बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के ऊपर भी कार्रवाई करने की विपक्ष की मांग पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बेटे की गलती के लिए बीजेपी नेता को सजा नहीं दी जा सकती.

बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व बचाव की मुद्रा में

सूत्रों के हवाले से ख़बर अनिल जैन, बीजेपी महासचिव और प्रभारी हरियाणा बीजेपी ने अमित शाह से फोन पर बात करके हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बारला के बेटे के मामले में पूरी जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से कोई बयान नहीं दिया जाएगा. इस मामले में प्रदेश स्तर पर बयान दिया जाएगा.

NCW ने जारी किया सुओ मोटो नोटिस

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के डीजीपी को सुओ मोटो नोटिस जारी किया है. आयोग ने डीजीपी को निष्पक्ष जांच करने और आयोग को सूचित करते रहने की बात भी कही है.

बीजेपी में उभरे विरोध के स्वर

चंडीगढ़ छेड़खानी मामले में अब बीजेपी के अंदर से ही हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला के खिलाफ आवाज उठी है. कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि किसी का पीछा करना, हाथ मारकर गाड़ी रोकना या अपहरण की कोशिश करना एक गंभीर मामला है, इसको लेकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लड़की ने इस मामले में हिम्मत दिखाई है वरना 90 फीसदी लड़कियां मामले को लेकर सामने नहीं आती हैं.

उन्होंने कहा कि विपक्ष के मुंह खोलने से पहले ही सुभाष बराला को इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व इस पर क्या फैसला करेगा ये मुझे नहीं पता लेकिन यह मेरी राय है कि उन्होंने बिना किसी देरी के इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जैसे संस्कार परिवार से मिले होंगे, वो वैसा ही कर्म कर रहा है. बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर ये एक प्रकार का धब्बा है.

बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने भी इस मामले पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि चंडीगढ़ में आईएएस ऑफिसर की बेटी के साथ छेड़छाड़ के मामले में वह PIL दायर करेंगे. उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की रीढ़ की हड्डी नहीं है, उसकी सर्जरी की आवश्यकता है, इसलिए मैं PIL फाइल करने जा रहा हूं.

 

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