गुजरात में एक परिवार ने अपनी दस साल पुरानी पहली कार को बेचने या स्क्रैप करने के बजाय अनोखे तरीके से विदाई दी. ढोल-नगाड़े, नाच-गाने और पूजा-पाठ के माध्यम से कार को विधिवत समाधि दी गई. इस आयोजन में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी.