देश के कई राज्यों में बेहद मुश्किल घड़ी आ पड़ी है. कुदरत का कहर ऐसा टूटा है कि लोग त्राहि-त्राहि करे हैं. देश के कई हिस्सों में डरावनी तस्वीरें सामने आई हैं. खासकर गुजरात में बाढ़ की चपेट में कई लोग आ गए हैं. भारी बारिश की वजह से यहां हालात चिंताजनक हो चुका है. यहां के सिंगोडा नदी पर बने डैम के लबालब भरने के बाद दो गेट को खोलना पड़ा. उसकी वजह से सैलाब की डरावनी तस्वीरें दिखी हैं.
जूनागढ़ के विसावदर इलाके में लगातार बढ़ते पानी की वजह से सड़कें डूब चुकी हैं. नदियों की धारा में लोगों का सहारा छीन गया है. मजबूर होकर इलाके के लोग उन्ही उफनती लहरों के बीच से होकर गुजर रहे हैं. छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का सबब बन सकती है, लेकिन मजबूरी में वे एक दूसरे का हाथ थाम कर आगे बढ़ रहे हैं. वडोदरा में सैलाब की तेज़ धार में एक रिटायर्ड पुलिस अफसर की सांसें उस वक्त अटक गईं, जब उसकी कार सैलाब में फंस गई. देखते ही देखते पानी गाड़ी में भर गया. ऐसे में जान बचाने के लिए रिटायर्ड पुलिस अफसर गाड़ी के ऊपर चढ़ गए. वडोदरा के फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से उनकी जान बचाई.
सांसें अटकाने वाली एक और घटना गुजरात के जामनगर ज़िले के कल्याणपुर से सामने आई हैं. यहां अचानक बढ़े पानी की चपेट में निजी कंपनी में काम करने वाले तीन गार्ड आ गए. तीनों के तीनों उफनते पानी में बह गए. तीनों ने कोशिश की कि किसी तरह नदी के किनारे आ जाएं, लेकिन लहरें इतनी तेज थीं और पानी इतना ज्यादा कि उनकी कोशिश दम तोड़ने लगीं. रेस्क्यू टीम की लाख कोशिशों के बाद भी एक ही गार्ड की जान बच पाई.
लगातार हो रही बारिश से सूरत की हालत खराब हो चली है. शहर में बाढ़ के हालात बन गए हैं. निचले इलाकों जैसे लिंबायत, बमरोली और सरथाणा में कई लोगों को बाहर निकाल लिया गया है. कई इलाकों में 5 से 6 फीट तक पानी भर चुका है. ड्रोन से ली गई सूरत शहर की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पर्वत पाटिया के मॉडल टाउन में किस तरह से पानी भरा हुआ है. ज्यादातर इलाकों की बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह से डूब चुके हैं. उकाई डैम भी पानी से पूरी तरह लबालब है.
वडोदरा के विश्वामित्र नदी में जलस्तर बढ़ा तो रिहायशी इलाकों में संकट गहरा गया. नदी के पानी के सहारे मगरमच्छ लोगों के बीच पहुंच गए. विश्वामित्र नदी में 300 से ज्यादा मगरमच्छ हैं. उनके रिहायशी इलाके में आने से लोग दहशत में हैं. दो दिनों में चार मगरमच्छ पकड़े जा चुके हैं. इन सबके बीच गुजरात में दो दिनों तक भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए 48 घंटे तक यानि 19 अगस्त तक रेड अलर्ट जारी किया है.