गुजरात में हुए करोड़ों रुपये के बिटकॉइन घोटाले में नया खुलासा हुआ है. दरअसल एक महिला अचानक मीडिया के सामने आई और बिटकॉइन घोटाले के मामले में कई चौंकाने वाले दावे किए. इस महिला ने आरोप लगाया कि राज्य में हुए करोड़ों रुपये के इस घोटाले का मास्टरमाइंड शौलेश भट्ट अभी भी धड़ल्ले से बिटकॉइन में निवेश कर पैसे कमा रहा है.
बिटकॉइन घोटाले के प्रमुख आरोपी की साली ने किया खुलासा
आरोप लगाने वाली महिला और कोई नहीं बल्कि खुद शैलेश भट्ट की साली, निशा गोंडलिया हैं. निशा ने इन सारे दावों के बीच अपने जीजा शैलेश भट्ट से अपनी जान को खतरा बताया और शैलेश पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया.निशा ने इस मामले की पूरी जानकारी देते हुए कहा कि जब आरोपी शैलेश पुलिस से भागता फिर रहा था उस दौरान उसने निशा को एक मोबाइल फोन दिया और उससे उस फोन को दुबई में रह रहे अपने पार्टनर विजय भाई तक पहुंचाने के लिए कहा. निशा अपने जीजा के कहने पर अहमदाबाद से दुबई गई और विजय भाई से मिली. इसके बाद विजय भाई ने निशा को जयेश पटेल से मिलवाया और फोन जयेश को देने के लिए कहा. जयेश को फोन देने के बाद निशा वापस लौटी तो शैलेश ने बताया कि उस मोबाइल फोन में 699 बिटकॉइन थे. तभी निशा को पता चला कि शैलेश भट्ट भी इस पूरे घोटाले से जुड़ा हुआ है.
निशा ने बताया कि वो वापस दुबई गई और उसने शैलेश के खिलाफ वहां एफआईआर दर्ज करवाया. फिर वापस आकर जामनगर में भी इस मामले में एफआईआर की, यही वजह है कि शैलेश भट्ट के लोग उसकी जान के पीछे पड़े हैं.
नोटबंदी के दौरान ब्लैकमनी को ठिकाने लगाने का बना जरिया बिटकॉइन
नोटबंदी के बाद से ही गुजरात में बिटकॉइन के इस्तेमाल में ज्यादा तेजी आई है, नोटबंदी के वक्त सूरत के ज्यादातर बिल्डर्स और व्यापारियों ने अपने ब्लैक के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए बिटकॉइन को चुना और धड़ल्ले से इसमें अपना पैसा निवेश किया, जिनमें शौलेष भट्ट भी शामिल था. इतना ही नहीं शैलेष भट्ट ने खुद तो बिटकॉइन में निवेश किया ही, साथ ही और दूसरे लोगों से भी बिटकॉइन में इनवेस्ट करवाये, जिसके बाद बिटकॉइन को लेकर धोखाधड़ी भी शुरू हुई. लोगों से जबरन डरा धमका कर उनके मोबाइल वॉलेट से किसी दूसरे के मोबाइल वालेट में बिटकॉइन ट्रांसफर करने के मामले सामने आए.
शैलेश भट्ट का ऐसे फूटा भांडा
जबरन बिटकॉइन ट्रान्सफर करवाने के मामले में सबसे पहले खुद शैलेश भट्ट ही फरियादी बन कर आया था. उसने बीजेपी के पूर्व विधायक नलिन कोटड़ीया और अमरेली के एसपी पर आरोप लगाए कई आरोप लगाए थे. लेकिन जब पुलिस ने पूरे मामले की जांच की तब जाकर शैलेश का भांडा फूटा. फिलहाल शैलेश पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस हर जगह शैलेश की तलाश कर रही है.
क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन
गौरतलब है कि क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है. यह एक स्वतंत्र मुद्रा है जिसका कोई मालिक नहीं होता. यह करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में भी नहीं होती. अमूमन रुपया, डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं की तरह ही इस मुद्रा का संचालन किसी राज्य, देश, संस्था या सरकार द्वारा नहीं किया जाता. यह एक डिजिटल करेंसी होती है जिसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है. आमतौर पर इसका प्रयोग किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है.