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वडोदराः सांप्रदायिक हिंसा मामले में 40 लोग गिरफ्तार, मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग पर बैन

गुजरात के वडोदरा में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मोबाइल इंटरनेट और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है.

वडोदरा वडोदरा

गुजरात के वडोदरा में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मोबाइल इंटरनेट और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है.

पुलिस के मुताबिक, कई दिनों से चले आ रहे तनाव के बाद शनिवार को दोनों गुटों ने एक दूसरे पर पत्थर फेंके और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. घटना के बाद इलाके में अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है.

गृहविभाग के अतिरिक्त मुख्य़ सचिव एस. के. नंदा ने कहा, 'कॉम्बिंग चल रही है और गिरफ्तार हुए लोगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.' अधिकारियों के मुताबिक फोन सेवाओं पर प्रतिबंध 30 सितंबर तक जारी रहेगा, ताकि फैल रही अफवाहों को रोका जा सके.

गौरतलब है कि पांच दिनों के अमेरिका दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात को तैयार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में वडोदरा और वाराणसी का प्रतिनिधित्व किया था. लेकिन दोनों जगहों से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने वडोदरा सीट छोड़ दी. इसके बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी को जीत मिली.

पुलिस सांप्रदायिक हिंसा के कारणों के पीछे एसएमएस, व्हाट्स एप्प और फेसबुक पर फैली भ्रामक तस्वीरों को जिम्मेदार मानती है. पुलिस कमिश्नर ई. राधाकृष्णन ने बताया, 'गुरुवार और शुक्रवार को मोबाइल और एसएमएस के जरिए अफवाहें फैली, जिसकी वजह से संवदेनशील इलाकों में तनाव फैला. राज्य सरकार ने अफवाहों को रोकने के लिए एसएमएस और मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी है.'

पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 2जी, 3जी इंटरनेट सेवा, ग्रुप एसएमएस और एमएमएस को 30 सितंबर तक प्रतिबंधित कर दिया गया है. साथ ही इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक गुरुवार को सांप्रदायिक हिंसा तब शुरू हुई जब भगवान श्रीराम और मां अंबे को फोटोशॉप कर मक्का में दिखाने वाली तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए पूरे शहर में फैला दी गई.

इस मामले में मुस्लिम समुदाय के लोगों की शिकायत पर पुलिस ने सबसे पहले सुनील राउत नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था. शुक्रवार को एक खास समुदाय के लहूलुहान व्यक्ति की तस्वीरें सोशल नेटवर्किंग साइटों पर फैलाई जाने लगी. इसके बाद सांप्रदायिक हिंसा की एक और लहर ने शहर के पुराने हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया.

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