देश में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का आकलन कर सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में तकनीकी विकास को दिशा देने के लिए बनाई गई संस्था सूचना प्रौद्योगिकी, भविष्यवाणी और आकलन परिषद (TIFAC) ने मंगलवार को 27वां फाउंडेशन डे मनाया. इस मौके पर जहां एक ओर 3डी प्रिंटिंग एग्जीबिशन का आयोजन किया गया, वहीं TREMAP की तहत नए आविष्कारों को सम्मानित भी किया गया.
कार्यक्रम के दौरान इसरो के प्रोफेसर और एनआईटी मणिपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर डॉ. वाईएस राजन बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे. समारोह की अध्यक्षता IIASA, ऑस्ट्रिया के सीईओ और डायरेक्टर जनरल डॉ. पावेल कबट ने की.

अपने संबोधन में डॉ. प्रभात रंजन ने जहां TIFAC के इतिहास पर चर्चा करते हुए तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. पावेल ने 'जल संसाधन: चुनौतियां व संभावनाओं' पर अपनी बात रखी. इस दौरान डॉ. रंजन ने उन आठ आविष्कारकों को सम्मानित भी किया जिनके पेटेंट्स के कमर्शियलाइजेशन से देश को आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलेगा. यह चयन टेक्नोलॉजी रिफाइनमेंट एंड मार्केटिंग प्रोग्राम (TREMAP) के तहत किया गया है. सम्मान के तौर पर सभी को 5-5 लाख रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र दिया गया.
TIFAC सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्था है, जिसका गठन टेक्नोलॉजी पॉलिसी स्टेटमेंट 1983 के तहत किया गया है.