देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को आग लगने की पांच अलग-अलग घटनाओं ने राजधानी को दहला दिया. इन हादसों में कुल छह लोग घायल हो गए, जिनमें एक तीन वर्षीय बच्ची भी शामिल है. अग्निशमन विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पहली घटना दक्षिण-पूर्व दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की है, जहां सुबह 9:35 बजे एक घर में आग लग गई. यहां दो कामगार सोफा सेट की सफाई कर रहे थे और सफाई में थिनर (एक अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ) का इस्तेमाल कर रहे थे.
थिनर में आग लगने के कारण दोनों मजदूर बुरी तरह झुलस गए. सतेंद्र को 50 फीसदी और सतीश कुमार को 20 फीसदी जलने की चोटें आईं. दोनों को पहले होली फैमिली अस्पताल और फिर सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया. पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
दूसरी घटना उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके की है. यहां एक झुग्गी में गैस रिसाव के चलते आग लग गई. पीड़ितों में 70 साल के राजकुमार, उनकी पत्नी रेशमा (50), पोती दुर्गा (3) और पड़ोस की 14 साल की फिरदौस शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार, 5 किलो की एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक हो रही थी, और जब माचिस जलाई गई तो आग भड़क उठी. सभी घायलों को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पीसीआर कॉल में सिलेंडर विस्फोट की सूचना दी गई थी, लेकिन कोई विस्फोट नहीं हुआ था.
तीसरी घटना पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में सामने आई, जहां एक घर में आग लगने पर आठ दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. वहीं चौथी घटना चांदनी चौक की एक दुकान में हुई, जिसमें भी आठ दमकलें भेजी गईं. सौभाग्यवश, इन दोनों घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ.
पांचवीं और अंतिम घटना पंखा रोड (पश्चिमी दिल्ली) की है, जहां दो बसें और एक कार आग की चपेट में आ गईं. इस हादसे में भी कोई जनहानि नहीं हुई. फिलहाल सभी मामलों की जांच जारी है. लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से राजधानी में चिंता का माहौल है और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.