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रामचंद्र गुहा को सेंट स्टीफंस में घुसने से रोका, प्रिंसिपल बोले- गार्डन नहीं ये कॉलेज है

सेंट स्टीफंस कॉलेज के करीब 100 पूर्व छात्र यहां ढ़ाबा चलाने वाले रोहतास की शोकसभा में शामिल होने के लिए रविवार को गए थे लेकिन उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया. मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम को भी अंदर आने से रोका गया.

सेंट स्टीफंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं रामचंद्र गुहा सेंट स्टीफंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं रामचंद्र गुहा

मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम को रविवार को सेंट स्टीफंस कॉलेज के छात्रों ने परिसर में घुसने नहीं दिया. इस कॉलेज के पूर्व छात्र गुहा और सुब्रमण्यम सहित करीब 100 पूर्व छात्र यहां एक समोसे बेचने वाले रोहतास की शोकसभा में शामिल होने गए थे लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया.

छात्रों के चहेते थे रोहतास
65 वर्षीय रोहतास लंबे समय से कॉलेज में समोसे और गुलाब जामुन का ढाबा लगाते आ रहे थे और कॉलेज के मौजूदा ही नहीं बल्कि पूर्व छात्रों के बीच भी काफी मशहूर थे. पिछले हफ्ते टीबी और निमोनिया के चलते उनका निधन हो गया था.

दरअसल गुहा और सुब्रमण्यम ने शोकसभा में आने की अनुमति नहीं ली थी. कॉलेज के प्रिंसिपल वॉल्सन थंपू ने कहा कि कॉलेज गार्डन नहीं है, जहां प्रोटोकॉल का पालन किए बिना अंदर आया जा सके.

रोहतास को श्रद्धांजलि देने गए सेंट स्टीफंस कॉलेज अलमनाइ फाउंडेशन ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी रोहित बंसल ने कहा कि उन्हें प्रार्थना के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया और कहा गया कि प्रवेश का कोई अन्य कारण बताया जाए. उन्होंने बताया का गार्ड्स ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया.

कुछ पूर्व छात्रों को मिल गई एंट्री
रोहित बंसल ने बताया कि काफी देर तक कोशिश करने के बाद उन्होंने कुछ शिक्षकों को बुलाया और मदद मांगी. शिक्षकों ने कहा कि वो दूसरे गेट से एंट्री लें और यहां आने की वजह शोक सभा में शामिल होने की न बताएं. इसके बाद गुहा और सुब्रमण्यम समेत कुछ और पूर्व छात्र तो अंदर पहुंचने में कामयाब रहे लेकिन ज्यादातर को बाहर ही रहना पड़ा.

सुरक्षा कारणों से रोका गया
कॉलेज प्रिंसिपल ने कहा कि सुरक्षा कारणों से पूर्व छात्रों को रोका गया था. थंपू ने कहा कि पूर्व छात्रों को पता होना चाहिए कि कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होता है. उन्होंने कहा कि शोकसभा में शामिल होने के लिए न ही कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही कोई सूचना दी गई थी, जिसकी वजह से प्रशासन को मजबूरन उन्हें रोकना पड़ा.

पूर्व छात्रों ने 2012 में उस वक्त भी रोहतास का साथ दिया था जब कॉलेज प्रशासन परिसर में चलाए जा रहे कैफेटेरिया को टक्कर दे रहे उनके ढाबे को बंद करने पर विचार कर रहा था.

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