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विवादों के बाद भी स्कूल की मेगा PTM में हिस्सा लेने पहुंचे CM केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने टीचर्स और अभिभावकों से पेरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) के बारे में भी राय ली. इस मौके पर एक टीचर ने बताया कि इस स्कूल से 10 बच्चे IIT के लिए भी चुने गए हैं. टीचर्स के मुताबिक स्कूल में रिजल्ट 100 फीसदी रहा है.

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PTM में अरविंद केजरीवाल
PTM में अरविंद केजरीवाल

  • सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाना अब गर्व की बात- केजरीवाल
  • अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) विवादों में रही. इसके बाद भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मेगा पीटीएम में हिस्सा लेने के लिए राउज ऐवन्यू  के सर्वोदय बाल विद्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत की. साथ ही केजरीवाल ने अभिभावकों से स्कूल में हुए सुधार के बारे में पूछा और बच्चों से उनके फ्यूचर प्लान को लेकर सवाल किए.

 5 साल में हुआ काफी बदलाव

पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 5 साल में काफी बदलाव हुआ है. बच्चों और अभिभावकों को सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने का गर्व है. केजरीवाल ने दावा करते हुए कहा कि अभिभावक प्राइवेट स्कूल से बच्चों को निकालकर सरकारी स्कूल में दाखिला दिला रहे हैं. अब लोग सरकारी स्कूल में बच्चों के दाखिले के लिए सिफारिश लगाते हैं.

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अरविंद केजरीवाल ने टीचर्स और अभिभावकों से पेरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) के बारे में भी राय ली. इस मौके पर एक टीचर ने बताया कि इस स्कूल से 10 बच्चे IIT के लिए भी चुने गए हैं. टीचर्स के मुताबिक स्कूल में रिजल्ट 100 फीसदी रहा है.

शिक्षा के नाम पर राजनीति

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले सरकारी स्कूल में पढ़ाई मुश्किल थी. अभिभावक बच्चों को सरकारी स्कूल से निकालकर नौकरी कराते थे. केजरीवाल ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि उनके आसपास ऐसे बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें जिनके अभिभावक उनसे नौकरी या कोई और काम करवाते हैं.

अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पेरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) का आयोजन किया गया. इस पर पेरेंट्स और टीचर खुश हैं. इसके जरिए स्कूल में छात्रों की रिपोर्ट पर चर्चा होती है.

आगे उन्होंने कहा, 'पेरेंट्स टीचर मीटिंग गिमिक है? कई सालों से मीटिंग हो रही है. ऐसा तो नहीं की पहली बार मीटिंग हुई. मीटिंग पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. वोटिंग शिक्षा के नाम पर हो, जो शिक्षा के नाम पर राजनीति करे उसे वोट देना चाहिए नाकि उसे वोट देना चहिए जो लोगों को हिन्दू-मुसलमान में बांटे.

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क्या है पीटीएम विवाद?

बता दें दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) पर विवाद बना हुआ था. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 4 जनवरी को 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) आयोजित की जानी है जिसके विरोध में सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए) ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात की.  

सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने कड़ाके की ठंड होने के चलते स्कूल बंद होने का हवाला देते हुए पीटीएम के आयोजन को लेकर आपत्ति जताई थी. जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर पीटीएम को रद्द करने की मांग की थी.

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