आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण पर राजनीति तेज हो गई है. आज केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में घरों के मालिकाना हक के लिए लोगों को रजिस्ट्री सौंपी और प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.
पहले आपने कहा कलोनिया पक्की करेंगे।अब कह रहे हो कलोनियों को पक्का नहीं करेंगे। तो फिर कच्ची कलोनियों में पक्की रेजिस्ट्री कैसे हो सकती है? खेती की ज़मीन पे घर की रेजिस्ट्री कैसे हो सकती है?फ़र्ज़ी रेजिस्ट्री मत कीजिए। वोट के लिए लोगों को मत फँसाइए।कल आप ही इनकी सीलिंग करने लगोगे https://t.co/nY3p6wE8vn
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 3, 2020
इस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'पहले आपने कहा कॉलोनियां पक्की करेंगे. अब कह रहे हो कॉलोनियों को पक्का नहीं करेंगे. तो फिर कच्ची कॉलोनियों में पक्की रजिस्ट्री कैसे हो सकती है? खेती की जमीन पर घर की रजिस्ट्री कैसे हो सकती है? फर्जी रजिस्ट्री मत कीजिए. वोट के लिए लोगों को मत फंसाइए. कल आप ही इनकी सीलिंग करने लगोगे.'
भाजपा ने चलाया अभियान
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाकर अपने प्रचार अभियान का शुभारंभ किया. जनवरी-फरवरी में दिल्ली विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं. सात दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के अभियान की शुरुआत कर दी थी. पार्टी ने अवैध से वैध हुई कॉलोनियों में होर्डिग लगाईं हैं, जहां लिखा गया है कि 'अनधिकृत' का कलंक हटा दिया गया है और लोग 'अधिकृत' कॉलोनियों के निवासी बन गए हैं, वे अब मालिक हैं.
विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर 1,731 अनधिकृत कालोनियों में 5,000 से अधिक होर्डिग इन क्षेत्रों में पैठ बनाने के इरादे से लगाई गईं हैं. भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा हाल ही में की. भाजपा चुनाव में इनके समर्थन और वोट पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है.