scorecardresearch
 

सहकर्मी की मौत के बाद एम्स में नर्सों की हड़ताल

परिजनों के मुताबिक किसी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने राजबीर की सर्जरी की थी. ऑपरेशन के दौरान उन्हें एनिस्थिसिया ज्यादा दिया गया जिस वजह से 4 फरवरी को उनकी मौत हो गई.

X
एम्स में 5 हजार से ज्यादा नर्स हैं
एम्स में 5 हजार से ज्यादा नर्स हैं

दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां के गायनिकोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते नर्स राजबीर की मौत हो गई. राजबीर कौर पिछले 20 दिन से जिन्दगी की जंग लड़ रही थीं.

दरअसल राजबीर कौर गर्भवती थीं और 16 जनवरी 2017 को एम्स में डीलिवरी के लिए एडमिट हुई थीं. उनका वाटर बैग फट गया जिसके बाद पेट में पल रहे बच्चे की धड़कन कम होने की वजह से डॉक्टरों ने इमरजेंसी में शिफ्ट करने की सलाह दी. जहां बाद में उनकी सर्जरी की गई.

सर्जरी के बाद से ना तो उनका बच्चा बच सका ना ही राजबीर कौर . उनके परिजनों से अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों के मुताबिक किसी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने राजबीर की सर्जरी की थी. ऑपरेशन के दौरान उन्हें एनिस्थिसिया ज्यादा दिया गया जिस वजह से 4 फरवरी को उनकी मौत हो गई.

नर्सों ने जताया विरोध

इस मामले में एम्स में डॉक्टरों की लापरवाही को लेकर नर्स यूनियन ने भी अपनी ओर से जांच में पाया है कि राजबीर के मामले में लापरवाही की गई है और वो उसके साथ हैं. एम्स की करीब 200 स्टाफ नर्स राजबीर की मौत के बाद धरने पर बैठ गईं और एम्स के खिलाफ नारेबाजी करने लगी. उनका आरोप है कि राजबीर की हालत खराब होने के बावजूद जूनियर डॉक्टर्स ने उसका इलाज किया कोई सीनियर डॉक्टर नहीं आया था. एम्स में 5 हजार से ज्यादा नर्स हैं जो 3 शिफ्ट में काम कर रही हैं, इनके हड़ताल पर जाने के बाद मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

एम्स प्रशासन ने मामले पर एक जांच कमेटी गठित करने का दावा किया है. एम्स के डायरेक्टर इंचार्ज डॉ बलराम का कहना कि जांच होने तक 2 डॉक्टरों को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें