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JNU हिंसा: MHRD ने रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर और रेक्टर को किया तलब

एमएचआरडी के सचिव ने यूनिवर्सिटी के तीनों अफसर को सोमवार को रिपोर्ट के साथ बुलाया है. बता दें, रविवार शाम नकाबपोश गुंडों ने जेएनयू में छात्रों पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें 25 से अधिक छात्र घायल हैं.

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जेएनयू हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (ANI)
जेएनयू हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (ANI)

  • साबरमती छात्रावास के छात्रों को निशाना बनाया
  • लेफ्ट और एबीवीपी के छात्रों का एक दूसरे पर आरोप

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में खूनी झड़प के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर और रेक्टर को तलब किया है. एमएचआरडी के सचिव ने यूनिवर्सिटी के तीनों अफसर को सोमवार को रिपोर्ट के साथ बुलाया है. बता दें, रविवार शाम नकाबपोश गुंडों ने जेएनयू में छात्रों के उपर जानलेवा हमला किया था, जिसमें कई छात्र घायल हैं.

कुछ नकाबपोश हमलावरों ने यूनिवर्सिटी में घुसकर साबरमती छात्रावास के छात्रों को निशाना बनाया. नकाबपोश लोगों और चेहरा ढकी महिलाओं ने छात्रावास के कमरे में तोड़फोड़ की और छात्रों की पिटाई की. रोती हुई एक छात्रा ने हिंसा के इस दृश्य के संबंध में बताया, मैं कमरे में थी. भगदड़ के बीच मैंने कई लड़कियों को आते देखा. मैंने सबसे अपने-अपने कमरे बंद कर लेने को कहा. मैं जब वीडियो क्लिप लेने की कोशिश कर रही थी तभी उन्होंने मेरे ऊपर पत्थर मारा."

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वामपंथी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र हालांकि एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं. हिंसा के इस वारदात की निंदा सभी ने की है. राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने हिंसा की निंदा करते हुए ट्वीट के जरिए कहा, "जेएनयूएसयू प्रेसीडेंट आईशी घोष की बुरी तरह पिटाई की गई है और उनके सिर से काफी खून निकला है. यह कब रुकेगा? एसओएसजेएनयू शर्मनाक."

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार डॉ. संजय बारू जेएनयू अलुमनाई हैं और उनकी पत्नी विश्वविद्यालय में शिक्षिका हैं. बारू ने कहा, "मैं परिसर में नहीं रहता हूं. मेरी पत्नी वहां हैं. उनके छात्र-छात्राएं वहां रहते हैं. वे भयभीत हैं. यह संगठित हमला है और मेरे जैसे अलुमनाई को इसका विरोध करना चाहिए."

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