आम आदमी पार्टी (AAP) की रैली में गजेंद्र की मौत के बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के बीच जांच को लेकर तनातनी बढ़ गई है. नई दिल्ली जिले के डीसीपी और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के एसएचओ को नई दिल्ली जिले के डीएम ने एक नया नोटिस भेज दिया है. नोटिस में पुलिस की इस दलील को गलत बताया गया है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस के रोल की जांच जिलाधिकारी नहीं कर सकते.
नई दिल्ली के डीएम ने अपने नोटिस में बताया है कि दिल्ली पुलिस कानून की धारा 122 (बी) (तीन) के अंतर्गत ये साफ तौर पर कहा गया है कि अगर कोई पुलिस अधिकारी जान-बूझकर कानून का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
जिलाधिकारी ने ये भी कहा है कि डीसीपी ने गुरुवार को भेजे गए अपने जवाब में जान-बूझकर इस धारा पर कुछ भी नहीं कहा है, जिसका जिक्र क्रिमिनल कोड की प्रक्रिया 1973 में है. जवाब न देना आईपीसी की धारा 188 का भी उल्लंघन है.
डीएम ने इस नोटिस का जवाब शुक्रवार को 11 बजे सुबह तक मांगा है. नोटिस में ये भी कहा गया है कि ऐसा न करने पर एसएचओ पार्लियामेंट स्ट्रीट के खिलाफ दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 122 और आईपीसी की दारा 186 और 188 के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराई जाएगी.