दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर इंदिरा गांधी स्टेडियम में आम आदमी पार्टी ने अपने नए आंदोलन का आगाज कर दिया है. केजरीवाल 2019 के चुनावों में दिल्ली को पूर्ण राज्य का अधिकार दिलाने के मुद्दे को प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं.
कल से AAP कार्यकर्ता केजरीवाल की जनता के नाम लिखी गई चिट्ठी घर-घर जाकर पहुंचाएंगे. इंदिरा गांधी स्टेडियम में आम आदमी पार्टी द्वारा बुलाए गए सम्मेलन में 'एलजी साहब दिल्ली छोड़ो' के नारे गूंजे. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मांग उठाई कि केंद्र सरकार नई दिल्ली और एनडीएमसी इलाके को अपने अधीन रखकर बाकी दिल्ली को आजाद करे.
जैन ने कहा कि, 'दिल्ली की आबादी 1.90 करोड़ है. 233 देशों में दिल्ली का स्थान 7वां है. 173 देशों की आबादी दिल्ली से कम है. 60 देशों की आबादी ही दिल्ली से ज्यादा है. हिमाचल, गोवा, सिक्किम जैसे दिल्ली से कम आबादी वाले राज्यों को अपने फैसले लेने का पूरा अधिकार है लेकिन दिल्ली को नहीं.'
सत्येंद्र जैन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, 'जब हम छोटे छोटे थे तो बीजेपी कांग्रेस वाले कहते थे कि दिल्ली को पूरा राज्य बनाने से दिल्ली का विकास होगा. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा ना दिए जाने के लिए अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन और ऑस्ट्रेलिया की राजधानी का हवाला दिया जाता है जबकि वॉशिंगटन की आबादी महज़ 6 लाख है.'
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली को पूरा हक केंद्र सरकार इसलिए नहीं देना चाहती क्योंकि दिल्ली एक 'कमाऊ पूत' है और दिल्ली 1.30 लाख करोड़ रुपये इनकम टैक्स देती है जिसे केंद्र सरकार सब राज्यों में बांट देती है लेकिन दिल्ली को कुछ नहीं मिलता."
केंद्र सरकार पर सौतेला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए जैन ने कहा कि, दिल्ली को केंद्र से सिर्फ 325 करोड़ मिलते हैं जो कि एक चौथाई प्रतिशत है.
जैन ने सवाल उठाया कि दिल्ली में हर रोज अपराध होता है लेकिन नई दिल्ली में अपराध क्यों नहीं होता? क्योंकि 'पुलिस के बॉस' नई दिल्ली में बैठते हैं. दिल्ली को छोड़कर जहां आबादी 10 लाख से ज्यादा हुई वहां उसे पूर्ण राज्य घोषित कर दिया गया.