दिल्ली वाले पार्कों में घूमने वाले वहां घूमने से कतराते हैं. गलियों में आवारा कुत्तों का आतंक है तो विदेशी टूरिस्ट भी कुत्तों की वजह से घूमने से कतराने लगे हैं. वहीं कई डॉग लवर घर का बचा हुआ खाना इन कुत्तों को डाल देते हैं. वैसे उनकी कोई देखभाल नहीं करता. चांदनी चौक की एक-एक गली में 20-20 कुत्ते मिल जाएंगे तो एक आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में प्रतिदिन 100 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं.
ऐसे में सुबह सैर करने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में है. वहीं दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज के सिंधी बस्ती में आदित्य और आनंद की आवारा कुतों के हमले में मौत के मामले में सियासत तेज हो गई है. अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के सीनियर विजय गोयल दिल्ली के जंतर मंतर पर रहवासियों के साथ जुटेंगे तो आप शासित एमसीडी की मेयर ने अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग बुला ली है. गोयल का दावा है कि 28 फरवरी को उन्होंने उपराज्यपाल को पत्र लिखा था जिसमें दिनों दिन बढ़ते कुत्तों के आतंक और आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर रोक लगाने की मांग की थी. अभी दो दिन पहले वसंत कुंज में दो सगे भाइयों को आवारा कुत्तों ने नोच-नोच कर मार डाला. यह एक दर्दनाक घटना है, उनके माता-पिता पर क्या बीत रही होगी,यह समझा जा सकता है.आए दिन कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है.
सिर्फ कागजों में हुई कुत्तों की नसबंदी
गोयल ने कहा कि कुदसिया बाग में सवेरे टहलने जाता हूं, वहां 30 कुत्ते पहले से ही हैं और अभी तीन कुत्तियों ने 21 बच्चों को जन्म दिया है, अब उनकी संख्या बढ़कर 50 हो गई है. गोयल का आरोप है कि दिल्ली नगर निगम यह कहता है कि हम कुत्तों की नसबंदी करते हैं. अगर नसबंदी की होती तो कुदसिया बाग में 21 बच्चे कैसे पैदा हो गए. नगर निगम प्राइवेट कंपनियों को बिना नसबंदी किए पैसे दे देती है और कागजों में दिखा दिया जाता है कि नसबंदी हो गई. वहीं वसंत कुंज इलाके के रहवासी अनिल सूद ने बताया कि वसंत कुंज इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक इतना है कि सुबह की सैर के वक्त हाथों में डंडा लेकर जाने को मजबूर है.
निगम के वेटनरी डॉक्टर ने बताया कि अब तक वसंत कुंज इलाके से ड्राइव में 50 कुत्ते पकड़े जा चुके हैं. सभी का बंध्याकरण के बाद 10 जिनों तक नजर रखी जाएगी. किसी कुत्ते में रैबीज पाई जाने पर आगे की कारवाई होगी नहीं तो फिर उन्हें वहीं छोड़ दिया जाएगा जहां से पकड़ा गया है.
दिल्ली में कुत्ता काटने के मामले
दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज के सिंधी बस्ती में आदित्य और आनंद की आवारा कुतों के हमले में मौत का मामला नया है. साल 2021 में मोतीनगर के डीडीए पार्क में 3 साल की बच्ची को कुत्तों ने नोच खाया था. एमीसीडी के मुताबिक साल 2020 में 22804, 2021 में 7950 और साल 2022 में 13690 मामले कुत्ते काटने मामले हुए. साल 2017-18 में 5754, साल 2018-19 में 6705, साल 2019-20 में 9673, साल 2020-21 में 7838, साल 2021-22 में 6280 कुत्ते पकड़े गए. एमसीडी में कुल 17 ट्रको में कुत्ता पकड़ने वालों की संख्या करीब 108 है.