देशभर में वस्तु एवं सेवा कर(GST) लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली के व्यापारियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. व्यापारियों ने ट्रैफिक पुलिस पर जीएसटी बिल के बहाने रिश्वत वसूलने का आरोप लगाया है.
चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारी इस संबंध में गुरूवार को दिल्ली ट्रैफिक के स्पेश कमिश्नर अजय कश्यप से मिले. पुलिस हेडक्वार्टर में हुई इस मुलाकात में व्यापारियों ने कमिश्नर से पुलिस कर्मियों पर टैम्पो और माल वाहन चालकों से वसूली करने की शिकायत की.
सीटीआई के कन्वीनर बृजेश गोयल ने अपनी शिकायत में बताया, ''कारोबारियों की शिकायतें आ रही हैं कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी टैम्पो और माल वाहन चालकों को रोककर जीएसटी बिल और इन्वॉइस चैक कर रहे हैं. गोयल ने ट्रैफिक पुलिस पर पैसे की वसूली भी की जा रही है.''
बृजेश गोयल के मुताबिक स्पेशल कमिश्नर अजय कश्यप ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि उनको भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं. कमिश्नर ने बताया कि जीएसटी संबंधित बिलों की जानकारी मांगना ट्रैफिक पुलिस का अधिकार क्षेत्र नहीं है. स्पेशल कमिशनर ने ये भी कहा कि जब सभी सरकारें और पूरा देश जीएसटी का समर्थन कर रहा है तो हम नहीं चाहते कि ट्रैफिक पुलिस की वजह से किसी तरह की रुकावट आये.
चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने दावा किया कि स्पेशल कमिशनर ने पूरे मामले में एक एडवाइजरी जारी करके सभी ट्रैफिक थानों को निर्देश भेजने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद कोई भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी किसी माल वाहन को जीएसटी के इन्वॉइस या बिल को लेकर परेशान ना कर सकें. अगर कोई भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
स्पेशल कमिश्नर ने शिकायत के लिए हेल्पलाइन नम्बर 25844444 , व्हाट्सएप नम्बर 8750871493 और मेल आईडी info@delhitrafficpolice.nic.in भी दिया, जिससे इस तरह की समस्या आने पर कारोबारी सीधे सम्पर्क कर सकें.