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ऑड-ईवन के खिलाफ दिल्ली HC में जनहित याचिका, कल होगी सुनवाई

दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन नियम के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि ऑड-इवन मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 की भावना के खिलाफ है.

ऑड ईवन नियम के खिलाफ याचिका दाखिल (प्रतीकात्मक तस्वीर) ऑड ईवन नियम के खिलाफ याचिका दाखिल (प्रतीकात्मक तस्वीर)

  • ऑड-ईवन नियम पर हाई कोर्ट में PIL दायर
  • मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ होने की कही बात

दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन नियम के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि ऑड-ईवन मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 की भावना के खिलाफ है. इस जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की पीठ कल सुनवाई करेगी. बता दें, इस महीने की 4 से 15 तारीख तक दिल्ली में ऑड-ईवन नियम लागू रहेगा.

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि ऑड ईवन का यह नियम संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी), 14 और 15 के खिलाफ है. इस स्कीम को गलत तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें कोई उपचार नहीं है. यह स्कीम मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 115 की आत्मा के खिलाफ है. इस याचिका में वॉलंटियर की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं. इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस कर सकते हैं.

दिल्ली में 4 से 15 नवंबर के बीच लागू होने वाली ऑड-ईवन योजना के तहत जुर्माने की राशि तय कर ली गई है. नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऑड-ईवन नियम तोड़ने पर अब 4000 रुपये का चालान देना होगा. साल 2016 में दिल्ली में पहली बार लागू हुए ऑड-ईवन के नियम तोड़ने पर चालान की राशि 2000 रुपये थी.

हाल ही में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि दिल्ली में 4 से 15 नवंबर तक लागू होने वाले ऑड-ईवन स्कीम में सुरक्षा के मद्देनजर महिलाओं को छूट दी जाएगी. साथ ही मुख्यमंत्री ने निजी सीएनजी वाहनों को छूट नहीं देने का ऐलान किया था. ऑड-ईवन के दौरान लोगों को परेशानी से बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने 2 हजार बसों का इंतजाम भी किया है.

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