पिछले कई दिनों से दिल्ली का निजामुद्दीन इलाका कंटेनमेंट जोन में तब्दील है. इसे लेकर जिला मजिस्ट्रेट को लीगल नोटिस भेजा गया है. नोटिस में कहा गया कि जब कोरोना के मामले सामने नहीं आ रहे हैं तो पूरे इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का क्या मतलब है.
हजरत निजामुद्दीन विलेज रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष यूसुफ खान ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट हरलीन कौर को लीगल नोटिस भेजा है. वकील महमूद प्राचा के जरिये यह नोटिस भेजा गया है. लीगल नोटिस में कहा गया है कि हजरत निजामुद्दीन इलाके को पिछले 65 दिनों से कंटेनमेंट जोन बनाए रखने की वजह से पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवानों को इलाके में तैनात किया गया है. इससे इलाके के युवा भयभीत हो रहे हैं. नोटिस में कहा गया कि इलाके से covid-19 के केस सामने नहीं आ रहे हैं, इसके बावजूद कंटेनमेंट जोन में रखा गया है.
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बता दें, दिल्ली और देश के कई इलाकों में कोरोना के मामले बढ़ने में निजामुद्दीन स्थित मरकज की बड़ी भूमिका बताई गई थी. मरकज में कई हजार लोग शामिल हुए थे जबकि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के जुटने पर पाबंदी थी. बाद में मरकज को खाली कराया गया. इसमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जिन पर कानूनी कार्रवाई चल रही है. निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात को 21 मार्च को ही लोगों को घर भेजने के लिए कहा गया था.