दिल्ली मेट्रो में पिछले 3 साल में ही करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी, गोल्ड ज्वैलरी, कैमरे और अन्य सामान लोग भूलकर चले गए थे. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने यह सामान ट्रेन के भीतर या स्टेशन परिसर में बरामद किया है.
रिपोर्ट के अनुसार CISF ने साल 2016 से अब तक दिल्ली मेट्रो में 2.8 करोड़ रुपये मूल्य की छूटी हुई नकदी हासिल की है. साल 2016 में 75.15 लाख रुपये, साल 2017 में 70.73 लाख रुपये और साल 2018 में 81.04 लाख रुपये हासिल किए गए हैं. इस साल जनवरी से जून अंत तक 59.87 लाख रुपये हासिल किए गए हैं. हालांकि CISF ने दिल्ली मेट्रो के स्टेशन कंट्रोलर की मदद से ये सभी नकदी उनके असल मालिकों को वापस कर दी है.
नकदी के अलावा CISF ने घड़ियां, वॉलेट, कैमरे, फोन, आई-पॉड, टैबलेट जैसे अन्य कीमती सामान भी हासिल किए हैं. यही नहीं, दिल्ली मेट्रो में तैनात CISF के जवानों ने इस साल के पहले छह महीनों में ही करीब 2.25 करोड़ रुपये मूल्य के चेक एवं ड्राफ्ट, 65 लैपटॉप, 12 सोने के गहने, 15 चांदी के गहने, 9 कैमरे, 34 घड़ियां, 129 मोबाइल और 2 टैबलेट हासिल किए हैं.
साल 2018 में सुरक्षा बलों ने 1.12 करोड़ मूल्य के चेक एवं ड्राफ्ट, 1.06 लाख मूल्य की विदेशी मुद्रा, 140 लैपटॉप, 43 सोने के गहने, 27 चांदी के गहने, 27 कैमरा, 58 घड़ियां, 329 मोबाइल फोन, 7 टैबलेट और एक आई-पॉड हासिल किया है.
ये ज्यादातर वस्तुएं मेट्रो परिसर में एक्सरे चेकिंग के दौरान लोग छोड़कर चले गए थे. कुछ सामान लोग सीट पर भी छोड़कर चले जाते हैं. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी 245 मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ सुरक्षा मुहैया करती है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में सुरक्षा के लिए CISF के 1.48 लाख जवान लगाए गए हैं. दिल्ली मेट्रो से हर दिन करीब 30 लाख यात्री सफर करते हैं.
गौरतलब है कि हाल में बने नए नियमों के तहत यात्री अब पहले के मुकाबले भारी सामान लेकर मेट्रो में सफर कर सकते हैं. मेट्रो में अधिकतम वजन ले जाने की सीमा 15 किलोग्राम से बढ़ाकर 25 किलोग्राम कर दी गई है. इस संबंध में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है. नोटिफिकेशन के मुताबिक मेट्रो ट्रेन में यात्रियों को 25 किलोग्राम वजन तक का केवल एक बैग ले जाने की अनुमति होगी, लेकिन यह गठरी नहीं होनी चाहिए.
(https://www.businesstoday.in/से साभार)