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MCD के कामकाज से नाखुश BJP महिला पार्षद ने लिखी मोदी-शाह को चिट्ठी

एमसीडी में बीजेपी की सत्ता होने के बाद भी जब वार्ड में साफ-सफाई, शौचलय, बिजली, पानी की व्यवस्था समेत अन्य काम नहीं हुए तो थक-हारकर महिला पार्षद ज्योति ने पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिख डाली.

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BJP महिला पार्षद ने लिखी मोदी-शाह को चिट्ठी
BJP महिला पार्षद ने लिखी मोदी-शाह को चिट्ठी

एमसीडी हमेशा अपने कामकाज के तरीकों को लेकर सुर्खियों में रहती है, लेकिन ताजा मामला ज्यादा गम्भीर है. इसकी वजह यह है कि अबकी बार बीजेपी शासित एमसीडी के काम करने के तरीके पर पार्टी की महिला पार्षद ज्योति रछोया ने ही सवाल खड़े किए हैं.

मामला नॉर्थ एमसीडी के तहत आने वाले नांगलोई वार्ड का है, जहां से बीजेपी की महिला पार्षद ज्योति रछोया ने एमसीडी के लचर रवैये के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके वार्ड में काम नहीं हुआ, तो वो धरने पर बैठ जाएंगी. पीएम मोदी और अमित शाह को लिखी चिट्ठी में ज्योति ने दोनों से पूछा है कि वो धरना मेयर के यहां दें या फिर दिल्ली के उप राज्यपाल के यहां दें?

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ज्योति के मुताबिक साल 2017 में चुनाव जीतकर आने के बाद उनसे इलाके के लोगों को उम्मीद बढ़ गई थी, क्योंकि तीनों एमसीडी पर बीजेपी का कब्ज़ा है और ज्योति भी बीजेपी के ही टिकट पर चुनाव जीतकर आई हैं. एमसीडी में बीजेपी की सत्ता होने के बाद भी जब वार्ड में साफ-सफाई, शौचलय, बिजली, पानी की व्यवस्था समेत अन्य काम नहीं हुए तो थक-हारकर ज्योति ने दिल्ली बीजेपी के आला नेताओं तक अपनी परेशानी पहुंचाई.

हालांकि इससे कोई नतीजा नहीं निकला, तो उन्होंने पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिख डाली. ज्योति के मुताबिक सफाई कर्मचारी वक्त पर सफाई नहीं करने आते, जिससे वार्ड में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं. इसके अलावा वार्ड में बने हुए एमसीडी शौचालय में बिजली, पानी और सीवर के लिए वो कई बार एमसीडी के अधिकारियों से भी कह चुकी हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ.

ज्योति के अनुसार उनके वार्ड में प्रदूषण फैलाने वाली अवैध इकाइयों की शिकायत वो कई बार नरेला ज़ोन के अधिकारियों से कर चुकी हैं, लेकिन फैक्टरियां अभी भी बदस्तूर चल रही हैं.

वहीं, पार्षद कार्यालय के सामने बने पार्क में भी पानी भरा रहता है, जिसे लेकर भी कई बार हॉर्टिकल्चर विभाग को कहा, लेकिन हालत जस के तस बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि जब इन सभी समस्याओं की तरफ अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, तो उन्हें कोर्ट और एनजीटी में याचिका दायर करनी पड़ी, जिसका जिक्र उन्होंने याचिका संख्या के साथ पीएम मोदी और अमित शाह को लिखी चिट्ठी में भी किया है.

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