कोरोना वायरस की महामारी के कारण लॉकडाउन में काफी कुछ बदल गया था. तकनीक का उपयोग काफी अधिक बढ़ गया था. कोर्ट-कचहरी में सुनवाई भी वर्चुअल मोड में हो रही थी. अब लॉकडाउन के बाद फिर से जनजीवन पुराने स्वरूप में बहाल होता नजर आ रहा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की अदालतों में भी हालात पहले की तरह होते नजर आ रहे हैं.
दिल्ली की सभी जिला अदालतों और हाईकोर्ट में आज यानी 15 मार्च से सुचारू रूप से मामलों की सुनवाई होगी. सभी बेंच अब मामलों की सुनवाई फिजिकल हियरिंग के माध्यम से वैसे ही करेंगी, जैसे कोरोना काल से पहले होती थी. दिल्ली हाईकोर्ट में आज से रोजाना मामलों की फिजिकल सुनवाई शुरू हो रही है. आज से सभी जज फिजिकल मोड में बैठेंगे और मामलों की सुनवाई करेंगे.
गौरतलब है कि पिछले साल कोरोना वायरस के चलते मार्च में लागू हुए लॉकडाउन के बाद से ही दिल्ली की सभी अदालतों में कामकाज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही हो रहा था. कुछ बेंच प्रयोग के तौर पर फिजिकल हियरिंग भी कर रही थीं लेकिन कोरोना के बाद ये पहली बार होगा कि सभी बेंच एक साथ कोर्टरूम से ही काम करेंगी. यह फैसला इसलिए भी लिया गया है क्योंकि दिल्ली में कोरोना के मामलों में अब लगातार गिरावट देखने को मिली है. ऐसे में पिछले एक साल से ज्यूडिशियल काम की धीमी गति को तेज करने के लिए ये फैसला लिया गया है.
हालांकि, कुछ वकील लगातार फिजिकल हियरिंग का यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि इससे कोरोना का संक्रमण और बढ़ेगा. ऐसे में वकीलों को हाइब्रिड हियरिंग का विकल्प दिया जाए जिसमें जो वकील कोर्ट रूम में पेश होना चाहते हैं वह वहां से मामले की सुनवाई में जुड़ सकें और जो किसी कारण से नहीं आ सकते उनको वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई की इजाजत दी जाए.
हाईकोर्ट में होने वाले केसों की सुनवाई में कुछ वैकल्पिक मामलों में ही हाइब्रिड हियरिंग की इजाजत दी जाएगी. कोर्ट का कहना है कि हाईकोर्ट समेत सभी जिला अदालतों में अभी इंफ्रास्ट्रक्चर इतना मजबूत नहीं है की हाइब्रिड हियरिंग हर जगह से संभव हो.