ED ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत से आग्रह किया कि दिल्ली शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के खिलाफ दायर उसके पूरक आरोप पत्र को गुप्त रखा जाए. एक गवाह के नाम की सुरक्षा के लिए अभियोजन की शिकायत (चार्जशीट) को सीलबंद कवर में रखने के लिए ईडी द्वारा एक आवेदन दायर किया गया था.
हालांकि, संजय सिंह की ओर से पेश वकील ने अनुरोध पर आपत्ति जताई और कहा कि यदि ईडी चाहता है कि गवाह की पहचान का खुलासा न किया जाए, तो उसकी साख की रक्षा के लिए उस गवाह को एक संक्षिप्त नाम दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि उस एक गवाह के नाम को छोड़कर शेष आरोप पत्र उन्हें दिया जा सकता है. कोर्ट ने ईडी से यह भी सवाल किया कि आखिर गवाह का नाम आरोप पत्र में क्यों था.
सिंह के वकील ने कहा, 'ऐसा जानबूझ कर किया गया लगता है. फिर उन्हें आरोपपत्र वापस लेने दीजिए. उनके द्वारा पूरी प्रक्रिया को छुपाया जा रहा है. उन्हें लगता है कि वे कुछ भी कर सकते हैं. यह आचरण मैं इंगित करना चाहता हूं.'
अदालत ने ईडी के आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया और 6 दिसंबर को दोपहर 2 बजे फैसला सुनाएगी. उन तक कोर्ट ने आरोपपत्र बंद लिफाफे में रखने का निर्देश दिया. हालाँकि, बाद में कोर्ट ने आरोपपत्र की एक प्रति संजय सिंह को देने की अनुमति दे दी. जो जानकारी ईडी सीलबंद लिफाफे में रखना चाहती थी उसे हटाने और कुछ बयानों को हटाने के बाद कॉपी दी जाएगी.