दिल्ली में शुक्रवार को रामनवमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. जगह-जगह आस्था के रंग दिखाई दे रहे हैं. मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है और भंडारे का आयोजन भी है.
इसके साथ ही आज चैत्र नवरात्र का अंतिम दिन भी है. मान्यता है कि भगवान राम का जन्म चैत्र नवरात्र के नौवें दिन दोपहर में होता है और इसीलिए इस दिन रामनवमी मनाई जाती है. शहर के आस-पास के मंदिर फूलों से खूब सजे हैं और भक्तों द्वारा तैयार किए गए चना और हलवे का विशेष प्रसाद चढ़ाया जा रहा है. बिड़ला मंदिर के मुख्य पुजारी रविंद्र नागर ने बताया, 'पूजा-प्रार्थनाएं लगभग दोपहर में हुईं जब भगवान राम अवतरित होते हैं. हमने गेंदे के फूल से मंदिर को सजाया है और प्रसाद तैयार किया गया.'
नवरात्र के हर दिन व्रत धारण किया जाता है और घरों और मंदिरों में पूजा-प्रार्थनाएं की जाती हैं व भक्ति गीत गाए जाते हैं. नमक, प्याजरहित और पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी भोजन नवरात्र में खाया जाता है. इस दिन की महत्ता को दर्शाते कुछ लोग भगवान राम की छोटी सी मूर्ति पालने में रखते हैं और उसकी पूजा करते हैं.
गौरतलब है कि हिंदू कैलेंडर के पहले महीने चैत्र के शुक्ल पक्ष के नवें दिन रामनवमी मनाई जाती है. इससे जुड़ा सबसे बड़ा समारोह पारंपरिक तौर पर अयोध्या (उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में स्थित) में आयोजित किया जाता है. अयोध्या को भगवान राम का जन्म स्थान माना जाता है.